बहन की सहेली को तेल लगाकर चोदा

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प्रेषक : गुमनाम …

हैल्लो दोस्तों, में आज आप सभी कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पढ़ने वालो को जो सेक्स की एक सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ वो किसी और की नहीं मेरी अपनी है और मेरी यह चुदाई अपनी छोटी बहन की एक दोस्त के साथ हुई थी और इससे पहले कि में अपनी आज की इस कहानी को सुनाना शुरू करूं उससे पहले में आप सभी को अपना और उस कुंवारी लड़की का परिचय दे देता हूँ जिस लड़की को पहली बार चोदकर मैंने उसकी सील को तोड़ दिया और वो मेरी चुदाई से पूरी तरह से संतुष्ट होकर अपने घर पर चली गई। दोस्तों में पच्चीस साल का एक प्राइवेट संस्था में काम करने वाला एक कुंवारा लड़का हूँ और मेरे साथ मेरी एक छोटी बहन भी रहती है जो अपनी पढ़ाई कर रही है और वो एक होस्टल में रहती थी, लेकिन अभी कुछ दिन पहले ही वो अपने होस्टल को छोड़कर मेरे साथ रहने लगी है क्योंकि उसको वहां पर बहुत तरह की समस्याए आती है और फिर उसके मेरे साथ रहने की वजह से उसकी कुछ सहेलियाँ भी अब हमारे घर पर आने जाने लगी थी। उन्ही लड़कियों में से एक बहुत ही सुंदर सुशील लड़की को पहली बार देखते ही मेरा दिल उस पर आ गया। में जब भी उसको देखता तो मेरी नियत बदल जाती, क्योंकि वो बहुत ही गोरी उसका वो गोल चेहरा, काली बड़ी बड़ी आखें, नरम गुलाबी होंठ, उभरे हुए बड़े आकार के बूब्स जो हमेशा उसके बड़े गले के टाईट कपड़ो से बाहर आकर आजाद होने के लिए तरसते रहते थे। में उसको देखकर अपने पूरे होश खो बैठता था और में हमेशा उसी के सपने देखा करता और उसकी पहली चुदाई करने के बाद मुझे पता चला कि उसके मन में भी मेरे लिए वही सब विचार और उसकी भी सोच मेरे लिए ठीक मेरे जैसी ही थी।

दोस्तों में आप सभी को जिस लड़की की कहानी आज सुनाने जा रहा हूँ उसका नाम सुमन है वो दिखने में इतनी सुंदर है कि उसको पहली बार देखने के बाद ही मेरा मन हमेशा ही उसके साथ सोने उसकी जमकर चुदाई करने के बारे में सपने देखने और विचार बनाने लगा था। मुझे कैसे भी करके उसकी चुदाई के मेरे उस सपने को पूरा जरुर करना था और में उसके लिए सही मौके की तलाश में लगा रहा और एक दिन उस भगवान ने मेरे मन की बात को सुनकर मुझे वो मौका दे ही दिया। दोस्तों में अपनी बहन के साथ दो रूम के एक मकान में रहता हूँ और अब में आप सभी को उस कहानी की तरफ ले चलता हूँ यह कहानी आज से दो महीने पहले की एक घटना है और में उस दिन अपने रूम पर बिल्कुल अकेला था क्योंकि मेरी बहन उस दिन सुबह से ही मेरे एक रिश्तेदार के घर पर चली गयी थी। फिर में जैसे ही अपने ऑफिस के लिए घर से निकल ही रहा था कि वैसे ही उसके एक दोस्त का फोन आया और उसने मुझसे मेरी बहन के बारे में पूछा और में बहुत अच्छी तरह से जानता था कि उस दिन मेरी बहन शाम से पहले नहीं आने वाली है और यह मेरे पास उसकी सहेली सुमन को चोदने का एक बहुत अच्छा मौका था और यह बात सोचकर में बहुत खुश था।

फिर उसके पूछने पर मैंने उससे बोल दिया कि मेरी बहन अभी घर पर नहीं है, लेकिन हाँ वो अभी पाँच मिनट में आ जाएगी। अब वो मुझसे बोली कि हाँ ठीक है में भी बस दस मिनट में वहीं पर आ रही हूँ और आप उसको मेरे आने के बारे में जरुर बता देना और मुझे उससे एक बहुत जरूरी काम है और उसके मुहं से यह बात सुनकर में अब उसके आने की तैयारी करने लगा। में उस दिन वो इतना अच्छा मौका छोड़ना नहीं चाहता था इसलिए मैंने जल्दी से बस दस मिनट के अंदर ही सभी तैयारियों को पूरी कर लिया और फिर कुछ देर के बाद में जैसे ही नीचे गया तो मैंने देखा कि वो ओटोरिक्शा से नीचे उतर रही थी और उसको देखकर में बहुत चकित रह गया उसने आज एक बड़े गले का सूट पहना हुआ था जिसकी वजह से उसके वो गोरे गोलमटोल बूब्स बाहर की तरह उभरकर मुझे ललचाकर पागल बना रहे थे और मेरी नजर उसकी छाती से हटने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी और वैसे उसको भी शायद मेरी उस पर पड़ने वाली उस नजर के बारे में थोड़ा सा समझ में आता था क्योंकि वो कभी भी मेरी किसी भी हरकत का बुरा नहीं मानती थी और उस बात का फायदा उठाकर एक दो बार मैंने उसका हाथ भी पकड़ लिया था और एक बार मैंने उसके कूल्हों पर अपना हाथ भी मार दिया था, लेकिन फिर भी वो मेरी तरफ मुस्कुरा देती थी।

अब मैंने उसके पास जाकर उसको ऊपर चलने के लिए कहा और जब उसने दोबारा मुझसे मेरी बहन के बारे में पूछा तो मैंने उसको बताया कि में उसको ही लेने जा रहा हूँ। मेरे मुहं से यह बात सुनने के बाद वो अब ऊपर चली गयी। अब में नीचे की सीड़ियों का दरवाजा बंद करके ऊपर आ गया और में जब रूम में आया तो मैंने उसको मेरी बहन के रूम में कुर्सी पर बैठा हुआ पाया। अब मैंने उसको रसोई से लाकर पानी पिलाया और उसके बाद वो अब कंप्यूटर को चालू करके उसमे खेलने लगी और उसके पास ही बैठकर कुछ देर इधर उधर की बातें हंसी मजाक करने के बाद जब मेरे सब्र का बाँध टूट गया, तब में उठकर रसोई में चला गया और कुछ देर बाद वहां से वापस आने के बाद में चुपचाप उसके पीछे जाकर उसको मैंने अपनी बाहों में भरते हुए मैंने उसके दोनों बूब्स को दबाना शुरू कर दिया।

फिर अचानक से मेरा उसके साथ इस प्रकार का व्यहवार देखकर वो एकदम से घबरा गयी उसके माथे से पसीना आने लगा और वो मुझसे बोली कि भैया आप यह क्या कर रहे है? और वो तुरंत कुर्सी से उठकर खड़ी हो गयी। तो उस समय मैंने उसको बता दिया कि मेरी बहन मेरे एक किसी रिश्तेदार के पास गयी है और वो अब वहां से शाम को ही वापस आएगी और उससे यह बात कहकर अब मैंने उसको अपने पास सटा लिया और में उसके दोनों बूब्स को दबाने सहलाने लगा। अब में उससे बोला कि देखो सुमन मैंने जब से तुमको पहली बार देखा है तभी से मेरा मन तुम्हारे साथ सेक्स करने के लिए बेचैन था, लेकिन मुझे ऐसा कोई मौका नहीं मिला जिसका में फायदा उठा सकता, लेकिन आज भगवान की मदद से मेरे पास यह एक बहुत अच्छा मौका था तो में कैसे इसको अपने हाथ से जाने देता? और इसलिए मैंने तुम्हे गलत जवाब दिया, लेकिन में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो, यह बात में तुमसे एकदम सही और अपने मन की सच्ची इच्छा बता रहा हूँ। फिर मैंने महसूस किया कि कुछ देर तक मेरी बाहों में मेरे हाथ उसके बूब्स पर घूमते हुए दबाते सहलाते हुए अपना काम कर रहे थे और वो नहीं यह सब बहुत गलत है हमें ऐसा नहीं करना चाहिए और उसके कुछ समय ना ना करने के बाद अब उसने मेरा विरोध करना बिल्कुल बंद कर दिया था और मैंने कुछ देर उसके बूब्स के निप्पल को सहलाकर उसको गरम करने के बाद अब उसको बेड पर चलने के लिए कहा और वो बेड के पास चली गयी।

फिर मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोलते हुए उसकी सलवार को खोल दिया और फिर सलवार को नीचे गिरा दिया। फिर उसके बाद मैंने उससे अपनी सलवार को अपने पैरों से बाहर निकालकर अपने शरीर से अलग करने के लिए कहा और मेरे कहते ही उसने अपनी सलवार को तुरंत अपने पैरों से अलग कर दिया। अब मैंने उसको अपनी पकड़ से अलग कर दिया और उसको बेड पर लेटने के लिए कहा वो झट से बेड पर लेट गयी और अब मैंने उसकी कमीज को खोल दिया। तब मैंने देखा कि उसने कमीज के अंदर काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी और उस ब्रा से उसके वो बड़े आकार के बूब्स आधे से ज्यादा बाहर नजर आ रहे थे क्योंकि बूब्स का आकार बड़ा और ब्रा का छोटा था। फिर मैंने उसकी तारीफ करते हुए उससे बोला कि यह काले रंग की ब्रा तुम्हारे इस गोरे भरे हुए सेक्सी बदन पर बहुत जंच रही है और वो मेरे मुहं से अपने कामुक जिस्म की इतनी तारीफ सुनकर मुस्कुराने लगी। अब मैंने अपने एक हाथ को उसकी पेंटी के ऊपर रखकर में उसकी चूत को पेंटी के ऊपर से सहलाने लगा।

अब वो जोश में आकर आहह्ह्ह उफ्फ्फ करके अंगड़ाईयां लेने लगी और में उसके मुहं से वो सिसकियों की आवाज सुनकर तुरंत समझ गया कि इनका मतलब क्या है? दोस्तों वो अब पूरी तरह से गरम होकर मुझे अपनी प्यासी चूत में मेरे लंड डालने के लिए इशारा कर रही थी और में उसका वो इशारा बहुत अच्छी तरह से समझ चुका था मैंने अब बिल्कुल भी देर करना उचित नहीं समझा और मैंने अब अपने दोनों हाथों से पकड़कर उसकी पेंटी को एक ही झटके में उसके घुटनों तक पहुंचा दिया जिसकी वजह से वो अब पूरी नंगी होकर मेरे सामने लेटी हुई थी और फिर जैसे ही मेरी नज़र उसकी उस गोरी डबल रोटी की तरह फूली हुई गरम चूत पर गयी तो मेरे लंड को तो जैसे अब बिल्कुल भी बर्दाश्त करना बड़ा मुश्किल हो गया क्योंकि उसकी चूत तो अब जैसे मेरे हाथों में आकर अपनी चुदाई मेरे लंड से करवाने के लिए बेचैन हो गई थी और ठीक वैसा ही हाल मेरे लंड का भी था। वो भी पेंट के अंदर खड़ा होकर तेज तेज झटके देने लगा था और उसको अब चूत में जाकर अपने काम को डालकर ठंडा होने की बहुत जल्दी थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब मैंने अपने एक हाथ को उसकी चूत के ऊपर फेरते हुए और उस गरम गीली चिकनी चूत के अंदर अपनी एक ऊँगली को हल्का सा अंदर डालकर दबाते हुए महसूस करके उससे कहा कि यह बहुत टाईट है। तो मेरे मुहं से यह बात सुनकर शरमाते हुए उसने अपनी दोनों आखों को बंद कर लिया और वो चुपचाप लेटी रही उसका शरमाना देखकर मैंने अब बिल्कुल भी देरी करना उचित नहीं समझा और मैंने झट से अपने लंड को अपनी पेंट से बाहर निकाल दिया, जैसे ही मेरे लंड ने अपने अगले हिस्से को चमड़ी से बाहर निकाला तो उसने उसी समय अपनी आखों को खोलकर वो मेरे लंड के टोपे के ऊपर अपनी चकित नजरों से देखने लगी और मैंने देखा कि वो बहुत ध्यान से मेरे लंड को देख रही थी। अब मैंने उठकर पास की टेबल पर पड़े हुए तेल के धब्बे को लेकर मैंने अपने बेड के पास रख दिया और अब में उसकी जाँघ पर बैठ गया। मैंने अब उसकी चूत को अपनी दो उँगलियों से फैलाते हुए मैंने तेल के डब्बे से तेल निकालकर उसकी चूत की दोनों पंखुड़ियों पर लगाने लगा और में अपनी एक ऊँगली को चूत के अंदर तक डालकर चूत की गहराइयों में उसकी गरमी को महसूस करने लगा था जो मेरे लिए एक बहुत ही अलग हटकर अहसास था। में उसकी वजह से मन ही मन बहुत खुश होकर दूसरी दुनिया में जा पहुंचा था।

अब मैंने देखा कि बहुत ज्यादा जोश में आ जाने की वजह से मेरे लंड के मुहं पर पानी आ गया था। फिर मैंने उस चिपचिपे पानी को अपने लंड के अगले हिस्से पर मल दिया जिसकी वजह से मेरे लंड का टोपा बहुत चिकना चमकदार हो गया था। अब मैंने अपने लंड को उसकी चूत के होंठो पर सटाते हुए उसको अपनी चूत को फैलाने के लिए कहा तो उसने अपने दोनों हाथों से अपनी चूत के छेद को पूरा फैला दिया और मैंने जैसे ही चूत को इतना ज्यादा फैला हुआ देखा जो पूरी तरह खुलकर मेरे लंड को अपने अंदर लेने के लिए बहुत कामुक नजर आ रही थी। मैंने अपने लंड को चूत के मुहं पर रखकर एक ही ज़ोर का झटका मार दिया वो दर्द की वजह से ज़ोर से आईईईई ओऊऊऊ माँ में मर गई मुझे बड़ा ही तेज दर्द हो रहा है उफफ्फ्फ्फ़ में इससे मर ही जाउंगी प्लीज बाहर निकालो इसको करके वो एकदम सिहर उठी।

फिर मैंने उसका वो दुःख दर्द को देखकर अपनी कमर को उसी समय एक जगह पर रोक लिया और अब उसने दर्द से तड़पते हुए मुझसे बोला कि प्लीज अब आप इसको बाहर निकाल दीजिए? फिर मैंने उससे पूछा कि तुम ऐसा क्यों कह रही हो? तब वो बोली कि मुझे इसकी वजह से बहुत दर्द हो रहा है जिसको सह पाना मेरे लिए बहुत मुश्किल है। फिर मैंने अब उससे पूछा कि क्या तुमने इससे पहले कभी किसी के साथ सेक्स नहीं किया है? वो आईईईईई उफफ्फ्फ्फ़ करते हुए कहने लगी कि नहीं यह सब अनुभव मेरा पहला अनुभव है मुझे ऐसा करने की वैसे पहले हमेशा बहुत इच्छा हुआ करती थी, लेकिन मुझे क्या पता था कि यह सब मेरे लिए इतना दुखदायी होगा और अगर मुझे पता होता तो में आपसे कभी भी हाँ नहीं करती।

अब मैंने उससे कहा कि हाँ तभी तो तुम्हे पता नहीं है कि इसमे कितना मज़ा आता है और यह सब करना कितना अच्छा लगता है, लेकिन तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो, तुम्हारा यह दर्द अभी कुछ देर बाद एकदम खत्म हो जाएगा उसके बाद तुम भी बहुत खुश होकर मेरे साथ अपनी चुदाई के मज़े लेने लगोगी और अब मैंने उसकी ब्रा को खोलने के लिए उसको अपनी पीठ को ऊपर उठाने के लिए बोला, तो उसने झट से अपनी पीठ को ऊपर उठाकर मेरा साथ दिया। फिर उसी समय मैंने उसकी कमर में पीछे अपने हाथ को ले जाकर ब्रा के हुक को खोलकर ब्रा को उसके बदन से अलग कर दिया और जैसे ही मेरी नज़र उसके नंगे गोरे बड़े आकार के बूब्स के ऊपर पड़ी तो मेरे तो लंड के अंदर जैसे पहले से ज्यादा जोश भर गया, जिसकी वजह से लंड अब फूलकर पहले से ज्यादा मोटा लंबा हो गया। फिर मैंने उसके दोनों बूब्स पर हल्का हल्का सा तेल लगा दिया और मैंने अपनी दोनों हथेलियों से उन दोनों बूब्स की निप्पल को मसलना शुरू कर दिया, कुछ देर तक निप्पल को मसलने और बूब्स को सहलाने के बाद जब मैंने देखा कि उसकी पकड़ अब मेरे शरीर पर पहले से ज्यादा ढीली पड़ने लगी है तब मैंने एक बार फिर से अपनी कमर को हिलाकर अपने लंड को उसकी चूत के अंदर बाहर करना शुरू कर दिया।

दोस्तों मैंने अब उसके दोनों बूब्स को जो की बिल्कुल तने हुए थे मसलने के साथ ही में अपनी कमर को हिला रहा था और उसके चेहरे को भी में देख रहा था। अब वो आऊऊउ उफफ्फ्फ्फ़ करके आवाजे कर रही थी और फिर मैंने उससे पूछा क्या अब भी तुम्हे दर्द हो रहा है? तो वो अपनी बिल्कुल धीमी आवाज से बोली कि हाँ थोड़ा थोड़ा सा, लेकिन में अब भी उसको वैसे ही धक्के देता रहा और जब मेरा लंड उसकी चूत के कुछ और अंदर चला गया। तब मैंने कुछ देर के बाद अपने लंड के रास्ते में कुछ अड़चन को महसूस किया। अब में तुरंत समझ गया कि यह उसकी चूत की सील उसकी वर्जिनिटी की पहचान थी। फिर मैंने अपनी कमर को थोड़ा सा ऊपर उठाया और फिर उसकी कमर को अपने दोनों हाथों से पकड़कर एक ज़ोर का झटका दे मारा मेरे उस अचानक से हुए जोरदार प्रहार की वजह से वो ज़ोर से ना आइईईई आअहहह प्लीज आअहह अब निकाल दो करके वो ज़ोर से उठी।

अब मैंने अपने लंड को थोड़ा सा बाहर निकाल दिया और अब मैंने उसके दोनों बूब्स को एक बार फिर से मसलना शुरू कर दिया। फिर कुछ देर के बाद मैंने अपनी कमर को ज़ोर ज़ोर से हिलाना आगे पीछे करना शुरू कर दिया और अब मैंने देखा कि रुकने वाली नहीं है तो मैंने अपने होंठो से उसके होंठो को कस लिया और में ज़ोर ज़ोर से झटके मारने लगा। फिर कुछ देर बाद उसने अपने होंठो को मेरे होंठो से आज़ाद करते हुए मुझसे पूछा कि भैया और कितना बाहर है मुझे बहुत अजीब सा दर्द हो रहा है इसने मेरे अंदर एक जलन पैदा कर दी यह कैसा दर्द है में आपको बता नहीं सकती? तब मैंने उससे कहा कि बस थोड़ा सा ही बाहर है तुम कहो तो में पूरा अंदर डाल दूँ? क्योंकि उसके बाद तुम्हारा पूरा दर्द खत्म होता चला जाएगा और तुम भी मेरे साथ मज़े लेने लगोगी। फिर उसने आह्ह्हह्ह उफ्फ्फ्फ़ हाँ भरते हुए अपने सर को हिला दिया और कहा कि जब आपने इतना अंदर ही पहले ही डाल दिया है तो अब बचा हुआ भी डालकर अपनी मन की इच्छा को पूरी कर लो, मेरा क्या में उस दर्द को भी आपके लिए सह सकती हूँ।

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फिर उसकी तरफ से हाँ का इशारा पाकर मैंने अपनी कमर को ज़ोर के झटके के साथ अपने लंड को पूरा का पूरा उसकी चूत के अंदर कर दिया और कुछ देर तक ज़ोर के झटके मारने के बाद मैंने जब महसूस किया कि अब मेरा वीर्य लंड से बाहर निकलकर उसकी चूत के अंदर जाने वाला है? तो मैंने एक तरफ से उसके बूब्स को ज़ोर से मसलना शुरू किया तो दूसरी तरफ से उसके होंठो को चूसना शुरू किया। अब वो भी मेरे सुर के साथ अपनी ताल मिलने लगी थी में जैसे जैसे उसको धक्के देता वो भी वैसे वैसे अपनी गांड को ऊपर उठाकर अपनी तरफ से धक्के देने लगती। फिर तभी मैंने उससे पूछा कि क्या अब तुम्हे मज़ा आ रहा है? तो उसने अपना सर हाँ भरते हुए हिला दिया और कुछ देर के बाद मेरा वीर्य लंड से बाहर निकलकर उसकी चूत को गीला करने लगा था और तो वो खुश होकर मुझसे में आपसे बहुत प्यार करती हूँ ऊह्ह्ह् आईईई करके वो अपने दोनों हाथों को मेरे पीठ पर रगड़ते हुए पूरी तरह से मेरी आगोश में आ चुकी थी और कुछ देर तक वैसे ही एक दूसरे से चिपककर पड़े रहने के बाद मैंने उठकर अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकाला। तब मैंने देखा कि उसमे खून लगा हुआ था और फिर मैंने उसकी चूत की तरफ देखा तो वो बहुत फूल चुकी थी और उससे भी मेरे वीर्य के साथ साथ उसका खून भी बाहर आकर बह रहा था।

अब वो बिल्कुल चुपचाप होकर कुछ देर तक वैसे ही लेटी रही और कुछ देर बाद उसने अब उठकर अपने कपड़ो को पहनकर वो बाथरूम में चली गयी और वहां से पेशाब करके अपनी चूत को साफ करने के बाद वो जब बाहर आई तो वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा रही थी। अब हम दोनों बाहों में आकर कुछ देर इधर उधर की बातें करने लगे और उसके बाद उसने मुझसे घर से बाहर रोड तक छोड़ने के लिए कहा वो कहने लगी कि में अब बहुत लेट हो चुकी हूँ और घर पर मेरा सब इंतजार कर रहे होंगे, में अभी चलती हूँ और बाद में आपसे मिलूंगी।

फिर मैंने उसको एक बार किस किया और फिर उसके बाद में साथ बाहर सड़क तक छोड़ने चला गया। उसी समय रास्ते में मैंने उससे पूछा कि तुम्हे मेरे साथ यह सब करना कैसा लगा? क्या तुम्हे मेरे साथ किसी तरह की कोई परेशानी या दुःख हुआ जिससे तुम्हे बुरा लगा हो तो प्लीज तुम मुझे बताओ? तो वो हल्का सा मुस्कुराते हुए मुझसे कहने लगी कि ऐसा कुछ भी नहीं है जैसा आप कह रहे हो मुझे तो आपके साथ बहुत अच्छा लगा और यह मेरा पहला अनुभव है, लेकिन यह सब बड़ा ही मस्त मजेदार था और मैंने तो कभी सोचा भी नहीं था कि इस काम में इतना मज़ा आता है, मैंने अपनी दोस्तों से इसके बारे में कई बार सुना जरुर था, लेकिन आज मैंने पहली बार वो मज़े लेकर भी देख लिए है। में अपने पहले इस अनुभव से बहुत खुश हूँ और आपने मुझे दर्द के साथ साथ वो मज़ा भी दिया जो पूरी दुनिया के सुख से बिल्कुल अलग हटकर है। फिर में उसके मुहं से वो सभी बातें सुनकर बहुत खुश हुआ और हम दोनों कुछ देर एक दूसरे के गले लगे उसके बाद मैंने उसको बाहर थोड़ा दूरी पर जाकर एक ऑटो को रुकवाकर उसमे बैठा दिया और वो हंसी ख़ुशी मुझसे बाय कहकर अपने घर चली गई और फिर भी अपने रूम पर आ गया उसके बाद में पूरा दिन उसी के बारे में उसकी चुदाई को बार बार सोचता रहा मुझे हर जगह बस वही नजर आ रही थी। दोस्तों यह थी मेरी सच्ची चुदाई की घटना मुझे पूरा विश्वास है कि मेरी यह पहली कहानी आप सभी पढ़ने वालो को बहुत अच्छी लगी होगी ।।

धन्यवाद …

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