भाई के साथ मर्जी का काम

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प्रेषक : रेहाना …

हैल्लो दोस्तों, यह मेरी कहानी तब की बात है, जब में 18 साल की थी और उस समय मेरा गोरा गदराया हुआ बदन बड़ा ही आकर्षक था, मेरे बूब्स का आकार 36-28-36 था और मेरे काले घने बाल छोटे आकार के थे और वैसे अब भी बहुत सारे लड़के मुझ पर मरते है और वो मुझे हमेशा घूरकर अपनी खा जाने वाली नजर से देखा करते है, जिसको में एक ही बार में बहुत अच्छी तरह से समझ जाती हूँ कि कौन मुझसे क्या चाहता है और वो मुझे किस नजर से देख रहा है। दोस्तों वैसे में आप सभी को बता देना चाहती हूँ कि उन बाकी लड़कों के साथ मेरा एक कज़िन भाई भी शामिल था, जो मुझे अपनी चकित नजरों से देखकर मेरे गोरे कामुक बदन के मज़े लिया करता था और में उसकी नियत को बहुत अच्छी तरह से भांप चुकी थी और मुझे पता चल चुका था कि उसके मन में मेरे लिए क्या चल रहा है और फिर जैसा मैंने सोचा था ठीक वैसा ही हुआ। अब में अपनी आज की वो कहानी शुरू करती हूँ, जिसके लिए आज में आप सभी कामुकता डॉट कॉम के चाहने वालों के पास अपनी वो सच्ची घटना सुनाने आई हूँ और में उम्मीद करती हूँ कि सभी पढ़ने वालों को इसको पढ़कर बहुत मज़ा आएगा।

दोस्तों मेरा वो कॉलेज जिसमें में अपनी पढ़ाई कर रही थी, वो मेरे चाचा के घर के पास होने की वजह में हर दिन दोपहर के समय रोज़ वहीं पर खाना खाने चली जाती थी और खाना खाने के साथ मुझे वहीं पर कुछ देर आराम करने का मौका भी मिल जाता था और फिर शाम को मेरे पापा मुझे लेने वहीं पर आ जाते थे, मेरा ऐसे करने से मेरे घर वालों को कोई भी आपत्ति नहीं थी, वो भी खुश और मेरा भी काम चल जाता था। दोस्तों ऐसे ही एक दोपहर की यह घटना है, जब में अपने कॉलेज से अपने चाचा के घर पर आ चुकी थी। उस दिन घर पर में और मेरे चाचा का लड़का मतलब मेरा भाई हम दोनों ही अकेले थे, क्योंकि मेरे चाचा चाची उस दिन किसी समारोह के लिए बाहर गये हुए थे। फिर मेरे भाई ने मेरे आते ही मुझसे कहा कि बहना आज हम दोनों बड़े मज़े करेंगे, क्योंकि आज हम बिल्कुल अकेले है और अब में उसकी उस बात का मतलब अच्छी तरह से समझ चुकी थी कि वो मुझसे क्या चाहता है? क्योंकि उसकी नजर हमेशा मेरे ऊपर रहती थी और वो ऐसे ही किसी अच्छे मौके की तलाश में था और मैंने भी उसको घर में अकेला पाकर उसकी मन की इच्छा को पूरा करने के लिए तुरंत हाँ कहा, क्योंकि अब मुझे भी उसकी हरकतों को देखकर कुछ कुछ होने लगा था और हम दोनों को उससे अच्छा मौका दोबारा कभी नहीं मिलना था। फिर मैंने भी उसकी बात को सुनकर ज़ोर से हंसकर उससे कहा कि हाँ भैया मज़ा तो मुझे भी बहुत करना है चलो आज हम अपनी मर्जी का काम करे। दोस्तों मेरे मुहं से यह बात सुनकर मेरा वो भाई बड़ा खुश हो गया। फिर उसके बाद हम दोनों ने एक साथ में बैठकर जल्दी से खाना खा लिया और उसके बाद हम दोनों पानी पीकर उठकर पास वाले बेडरूम में चले गये और फिर में जाकर सीधा बेड पर एकदम सीधी लेट गयी। अब मेरे भाई ने भी बिना समय खराब किए मुझे तुरंत अपनी बाहों में भर लिया और वो मेरे होंठो को बहुत बुरी तरह से चूसने लगे और वो मेरे पूरे गोरे गदराए बदन पर अपने हाथ को घुमाकर मुझे गरम करने की कोशिश लगे, लेकिन मैंने अपनी तरफ से किसी भी तरह का विरोध नहीं किया, जिसकी वजह से उनकी हिम्मत धीरे धीरे बढ़ गई और फिर कुछ देर बाद में भी उनका साथ देते हुए उनके होंठो को चूसने लगी थी और मुझे ऐसा करने में बहुत मज़ा आ रहा था, क्योंकि ऐसा पहले भी में अपने दोस्तों के साथ जो मेरे कॉलेज के लड़के थे, में कभी कभी उनके साथ किसिंग किया करती थी, इसलिए मुझे उस काम का थोड़ा सा अच्छा अनुभव भी था, लेकिन उन लड़को में से किसी को भी मैंने कभी भी उस काम से आगे बढ़कर अपनी चुदाई का मौका नहीं दिया था। दोस्तों आज में इसलिए यह बातें सोचकर बहुत खुश थी, क्योंकि आज पहली बार कोई लड़का मुझे पूरी नंगी देखेगा और भी वो मेरे साथ ना जाने क्या क्या करेगा? मुझे अब उस बात का इतना अंदाजा नहीं था कि वो अपनी हद को कितना पार कर सकता है और में उसको रोक भी नहीं सकती, क्योंकि वो सब काम करने की अब मेरी भी इच्छा थी। फिर कुछ देर बाद मेरा भाई मेरे बूब्स को दबाने लगा था और साथ में वो मसल भी रहे थे, वो एक साथ मेरे दोनों बूब्स को बुरी तरह से ज़ोर लगाकर मसल रहे थे। तभी मैंने उनसे कहा कि भैया प्लीज आज आप अपनी इस प्यासी तरसती हुई बहना को चोद दो और मुझे आज आप एक कुंवारी लड़की से पूरी संतुष्ट औरत बना दो।

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अब भाई मुझसे बोला कि हाँ मेरी बहना तेरी चुदाई करने का तो मेरा भी एक बहुत पुराना सपना जिसको आज में तेरी जमकर चुदाई करके पूरा करके ही रहूँगा, आज में तुझे चोद चोदकर तेरी इस चूत को फाड़ने वाला हूँ। अब हम दोनों एक बार फिर से बातें खत्म करके दोबारा किस करने लगे थे और मेरे भाई ने अब मेरे कपड़े उतारने शुरू कर दिए थे, उन्होंने सबसे पहले मेरी कमीज़ को उतारा और उसके बाद मेरी सलवार को जिसकी वजह से अब में उनके सामने अपनी काले रंग की जालीदार ब्रा और पेंटी में थी। अब मेरा वो कम कपड़ो वाला बदन देखकर पूरी तरह से चकित होकर भाई मुझसे बोला वाह क्या बात है, मेरी बहना तू तो बहुत सेक्सी ब्रा और पेंटी पहनती है, तेरा यह आकर्षक मनमोहक रूप में आज पहली बार देखकर ही एकदम चकित हो चुका हूँ और मुझे नहीं पता था कि यह गदराया हुआ बदन कम कपड़ो में ऐसा नजर आएगा? तो मैंने कहा कि हाँ मैंने इसलिए ही जानबूझ कर इनको पहना था कि जब भी कोई लड़का मुझे नंगी करेगा, तो उसको यह सब देखकर अच्छा लगे और वो मेरी चुदाई किए बिना अपने आप को रोक ना सके और मुझे भाई के साथ यह सब काम करते हुए बहुत अच्छा लग रहा था, क्योंकि अब में बस कुछ ही देर में अपने कज़िन भाई के साथ नंगी होने जा रही थी, वाह क्या मस्त मज़ा आ रहा था, मेरी चूत बस वो मज़े लेने के लिए फड़क रही थी। तभी भाई ने अपना एक हाथ मेरी पेंटी में डाल दिया और वो मेरी चिकनी कामुक चूत को बुरी तरह से मसलने लगे थे, जिसकी वजह से मुझे बहुत मज़ा आने लगा था और में हल्की हल्की सिसकियाँ भरने लगी थी, जिसकी वजह से भाई मेरी चूत को अब और भी जोश में मसलने लगे थे। फिर मैंने कहा कि भाई अब यह पेंटी और ब्रा को भी आप उतार दो और मुझे पूरी नंगी कर दो, क्योंकि मुझे अब आपके सामने पूरी नंगी होना है। बस भाई ने एक ज़ोर के झटके में ही मेरी ब्रा को खोल दिया और फिर उन्होंने मेरी पेंटी को भी उतारकर फेंक दिया था, जिसकी वजह से अब में पूरी तरह से नंगी हो चुकी थी और भाई मुझे अपनी खा जाने वाली चकित नजरों से घूरकर देख रहे थे। अब वो मुझसे कहने लगे कि वाह तू तो बहुत ही सेक्सी है रे, वाह तेरी क्या मस्त सेक्सी जवानी है? में बहुत दिनों से तुझे नंगी करने की बात सोच रहा था और आज मुझे वो असली मज़ा आएगा, में जिसके बारे में अब तक सोच रहा था और वो इतना कहकर मेरे बूब्स को मसलने लगे थे और फिर उन्होंने मेरे एक बूब्स को अपने मुहं में ले लिया था और वो दूसरे बूब्स को दबाकर निचोड़ने के साथ साथ मेरे एक बूब्स को चूसने लगे थे, जिसकी वजह से मुझे वाह क्या मस्त मज़ा आ रहा था, मुझे एक मीठा सा दर्द हो रहा था, क्योंकि भाई कस कसकर मेरे एक बूब्स को दबा रहा थे और दूसरे को अपने मुहं में दबाकर उनका रस चूस रहे थे और उनका दूसरा हाथ मेरी चूत को मसल रहा था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

दोस्तों में उस वजह से में अपने बूब्स को मसल मसलाकर इतनी गरम हो चुकी थी कि में दो बार झड़ चुकी थी। तभी भाई ने अपने कपड़े उतारे और वो खुद भी पूरे नंगे हो गये और उनका लंड फड़फड़ उठा और वो लम्बाई में करीब 6 इंच का और उसकी मोटाई 3 इंच की थी, वो एकदम लोहे की तरह तनकर खड़ा हुआ था। फिर मैंने उसको देखकर कहा कि भाई यह कितना मस्त दमदार लग रहा है और यह जब मेरे अंदर जाएगा, तब मुझे बहुत मज़ा आएगा। अब भाई बोला कि तू इस बात की बिल्कुल भी फ़िक्र ना कर मेरी बहना, तुझे आज में सीधा जन्नत ही दिखा दूंगा। फिर भाई मेरे दोनों पैरों के बीच में बैठ गये और वो नीचे झुककर मेरी चूत को अपनी गरम जीभ से चाटने लगे, जिसकी वजह से मुझे वाह क्या मस्त मज़ा आ रहा था, वो मेरी चूत का सारा रस अपनी जीभ से चाट रहा था और कभी वो मेरी चूत की पंखुड़ियों को अपने हाथ से फैलाकर उसमें अपनी जीभ को डालकर उसकी चुदाई भी कर रहा था और वो कभी कभी हल्का सा काठ भी रहा था, जिसकी वजह से में पूरी तरह से गरम हो गयी थी, लेकिन अब मुझे कैसे भी करके अपनी चुदाई करवानी थी और में उसके लिए मचल रही थी, भाई अब वो अपने घुटनों पर बैठ गये और उन्होंने अपना लंड मेरी चूत पर सेट किया और वो मुझसे कहने लगे कि अब मेरी प्यारी बहना तुम तैयार हो जाओ और में अपने लंड को तुम्हारी चूत के अंदर डालने जा रहा हूँ। फिर मैंने उनसे कहा कि हाँ भैया डाल दो ना अंदर जल्दी से डालो और में बहुत बैचेन हूँ और यह सब करके उनका मज़ा लेने के लिए और तभी भाई ने अपनी तरफ से एक ज़ोर का झटका मेरी चूत पर अपने लंड का लगा दिया और उनका लंडा आधा मेरी चूत के अंदर चला गया और में दर्द की वजह से बहुत ज़ोर से चीखने लगी और में उस दर्द की वजह से एकदम छटपटाने लगी, क्योंकि यह मेरी पहली चुदाई थी। अब भाई वैसे ही रुक गए और वो बोले कि क्या हुआ? तब मैंने उनसे कहा कि मुझे बहुत दर्द हो रहा है, यह मुझे क्या हो रहा है भाई उफफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह्ह मुझे लगता है कि में इस दर्द की वजह से मर ही जाउंगी। फिर वो मुझसे बोला कि तुम बिल्कुल भी मत घबरा, एक बार तेरी यह कुंवारी चूत फट जाएगी तो उसके बाद तुझे दोबारा कभी भी ऐसा दर्द नहीं होगा, इसलिए तू अब इसको थोड़ा सा सहन कर ले। फिर मैंने उनको कहा कि हाँ ठीक है में ऐसा करने की अपनी तरफ से पूरी पूरी कोशिश करती हूँ, लेकिन तुम भी मुझे थोड़ा आराम से धक्के देना। फिर उन्होंने मेरी पूरी बात को सुनकर तुरंत अपनी तरफ से एक और झटका लगा दिया, तो उस धक्के की वजह से मेरी तो जान ही निकल गई और मुझे बहुत ज़ोर से दर्द हो रहा था, इसलिए मैंने उनसे कहा कि प्लीज भैया मुझे बहुत दर्द हो रहा है, इसलिए अब मुझसे नहीं होगा, प्लीज स्सीईईइ अब आप रुक जाओ। फिर भैया बोले अरे मेरी रानी बस दो मिनट की बात है, तू थोड़ा सा और सहन कर ले। उसके बाद तुझे मेरे साथ यह सब करने में बहुत मज़ा आएगा। दोस्तों मैंने उनसे अपनी चुदाई करवाने के उस लालच में बिना सोचे समझे हाँ कर दिया और भाई ने अपने लंबे मोटे लंड को मेरी चूत के अंदर बाहर करना शुरू कर दिया था, जिसकी वजह से मुझे बहुत दर्द हो रहा था। फिर भाई ने अपनी तरफ से एक और जोरदार झटका लगा दिया, तो बस मुझे ऐसा महसूस होने लगा था, जैसे कुछ मेरे अंदर टूट गया था और में दर्द से चिल्लाने लगी, ऊईईईईई माँ में मर गई, आईईईईइ प्लीज भैया अब आप बस करो, आह्ह्हह्ह बस करो मुझे नहीं चुदवाना आपसे, मुझे बहुत दर्द हो रहा है।

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अब भाई ने मुझसे बोला कि अच्छा चल अब में तेरे कहने पर दो मिनट रुक जाता हूँ। फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है भैया, लेकिन उन्होंने अपने लंड को मेरी चूत से बाहर नहीं निकाला और वो वैसे ही रुके रहे और फिर करीब पांच मिनट के बाद वो बोले कि अब तुझे उतना दर्द नहीं होगा। फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है। फिर आप कर लो भाई, लेकिन आप थोड़ा धीरे धीरे धक्के लगाना और वो अब मुझे धीरे धीरे धक्के लगाने लगे और पहले मुझे थोड़ा सा दर्द हुआ। उसके बाद वो धीरे धीरे कम होने लगा और मुझे भी अब अपनी चुदाई का मज़ा आने लगा और में उनसे चुद रही थी और किसी से आज पहली बार वो अपनी चुदाई का वो विचार ही मुझे बड़े मज़े दे रहा था और उनका लंड जो अंदर बाहर हो रहा था, उसकी वजह से मुझे बहुत ही मज़ा आने लगा। फिर भाई ने अपने धक्को की स्पीड को बढ़ा दिया और वो तेज़ तेज़ धक्के देकर चोदने लगे थे और में अपनी चुदाई के नशे में एकदम चूर हो गयी थी। फिर करीब दस मिनट के बाद भैया मुझसे कहने लगे कि अब में झड़ने वाला हूँ। फिर मैंने उनसे कहा कि फिर आप बाहर ही निकाल दो, नहीं तो में गर्भवती हो गई तो? भाई बोले तू गर्भवती हो या ना हो, में तो आज इसको तेरे अंदर ही निकालने वाला हूँ, क्योंकि आज से तू मेरी रंडी है, तू किसी और से कंडोम लगाकर अपनी चुदाई करवाना, लेकिन मेरे साथ कोई भी नाटक या नखरा नहीं करेगी। दोस्तों मेरे बहुत बार समझाने पर भी भाई ने मेरा कहना नहीं माना और वो अपने आखरी जोरदार धक्के लगाकर मेरी चूत के अंदर ही झड़ गये और उनका वो नरम नरम पानी मेरे जिस्म के अंदर निकल गया, वाह क्या मस्त अहसास था, में उसको लिखकर नहीं बता सकती और उस बीच में भी बहुत बार झड़ चुकी थी और मेरी चूत से थोड़ा सा खून भी निकला था और में अब वर्जिन नहीं थी, मेरी चूत उस पहली चुदाई से फट चुकी थी और मेरी सील भी टूट चुकी थी। अब भाई बोले कि तू तो बहुत अच्छी रंडी बनेगी, बहुत चुदासी है तू। क्यों बनेगी ना मेरी रंडी? तब मैंने उनके मुहं से वो बातें सुनकर शरमाते हुए कहा कि भैया रंडी तो वो होती है ना जिसको दो या तीन मर्द एक साथ जमकर चोदते है? अब भाई मेरी बात का मतलब तुरंत समझ गया और वो बोला कि हाँ मेरी बहना तूने तो आज मेरा दिल खुश कर दिया। यह बात कहकर वो बोले कि में कल से ही मेरे सभी दोस्तों से तुझे चुदाई के मज़े दूंगा, तुझे मेरे सारे दोस्तों के सामने में पूरी नंगी करूँगा। अब मैंने हंसकर उनसे कहा कि हाँ भैया अपने दोस्तों को बुलाओ, क्योंकि में उन सबसे अपनी चुदाई के मज़े लेना चाहती हूँ और जब घर पर कोई भी नहीं होगा तो में आपके लिए नंगी ही रहूंगी और आप मुझे जब भी जी चाहे चोद सकते है। दोस्तों भाई ने फिर उस दिन मुझे तीन बार चोदा और मुझे अपनी रंडी बनाया। उसके बाद में तीन सप्ताह के बाद भैया ने अपने एक दोस्त के घर पर मुझे अपने पांच दोस्तों के साथ मेरी चुदाई के मज़े लिए ।।

धन्यवाद …

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