चुदाई का जबरदस्त मजा

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प्रेषक : गुमनाम …

हैल्लो दोस्तों, में आज आप सभी कामुकता डॉट कॉम के चाहने वालों को अपने एक सेक्स अनुभव के बारे में बताने आया हूँ जिसके बाद मेरा जीवन बिल्कुल बदल गया और मुझे उस एक कामुक लड़की की चुदाई करने का मौका मिला, जिसके मैंने बहुत जमकर मज़े लिए, उसको इतना खुश संतुष्ट किया और उसके बाद उसने मेरा पूरा पूरा साथ देना शुरू किया और फिर हम दोनों ने मिलकर उस चुदाई के मज़े लिए। दोस्तों मुझे शुरू से ही सेक्स करने और उससे जुड़ी हुई बातें करना बहुत अच्छा लगता था और जब से मुझे सेक्सी कहानियों के बारे में पता चला तो मैंने उनको पढ़ना शुरू किया और फिर एक दिन मुझे भी अपनी इस कहानी को लिखकर आप सभी तक पहुँचाने का विचार किया और आज उसको सुनाने जा रहा हूँ, लेकिन इस घटना को सुनाने से पहले में अपना परिचय भी करवा देता हूँ। दोस्तों मेरी उम्र 38 साल है और लम्बाई पांच फिट सात इंच है और मेरे लंड की लम्बाई सात इंच जो किसी भी प्यासी चूत की चुदाई करके उसको संतुष्ट करने के लिए बहुत अच्छा है और मैंने अब तक बहुत लड़कियों को चोदकर खुश भी किया है।

दोस्तों करीब दो तीन साल पहले मेरे साथ यह घटना घटी उन दिनों में एक बड़े शहर में एक इंजिनियरिंग यूनिवर्सिटी के बच्चो को पढ़ाने का काम करता था और मेरे पास में रहने वाली एक बड़ी मस्त गोरी सुडोल आंटी के साथ कभी कभी मज़े लेने लगा था और में उसके बदले में अपनी आंटी को कुछ खर्चे के लिए पैसे दे दिया करता था। दोस्तों मेरी उस आंटी ने मेरे साथ चुदाई करने के साथ साथ अपने मुहं में मेरे लंड को लेकर भी मज़े किए और हर बार मैंने उनको अपनी चुदाई से खुश किया। फिर उन्ही दिनों मेरे साथ पढ़ाने वाली एक मेडम से मेरी दोस्ती गहरी होने के साथ साथ अब चुदाई के उस मोड़ पर पहुंच गई और हम दोनों के बिच इतनी खुलकर बातें होने लगी थी कि मैंने उनको यह भी बता दिया था कि में अपने पड़ोस में रहने वाली उस आंटी के साथ भी चुदाई के मज़े लेता हूँ। दोस्तों मेरी उस गर्लफ्रेंड का नाम फ़रज़ाना था और उसकी उम्र 36 साल थी। उसका रंग बहुत साफ बड़े आकार के उभरे हुए बूब्स और करीब 5.6 इंच की उसकी लम्बाई और में पहली नजर में ही उसका दीवाना हो चुका था। फिर एक दिन आगे होकर मैंने उसके साथ बातें करना शुरू किया और उसी हंसी मजाक का फायदा उठाकर मैंने उसका मोबाईल नंबर ले लिया और उसको अपना भी नंबर दे दिया।

अब में उसके साथ हर कभी मौका मिलते ही बैठकर बातें करने लगा था और धीरे धीरे उसको भी मेरे साथ रहना हंसी मजाक करना अच्छा लगने लगा था। दोस्तों फिर कुछ दिनों के बाद मुझे पता चला कि वो अपनी नौकरी की वजह से अपने घरवालों से दूर अकेली ही एक कमरा किराए से लेकर रह रही थी और उसकी शादी भी हो चुकी थी, लेकिन करीब तीन साल पहले ही उसका अपने पति से तलाक हो चुका था। अब इसलिए वो अपने घर में अपनी पांच साल की बेटी के साथ अकेली रहा करती थी और में उसके सभी तरह के घर के कामो में मदद किया करता था। अब हमारे बीच इतनी गहरी दोस्ती हो चुकी थी कि अब हमारे बीच सभी तरह की सेक्स से सम्बन्धित बातें भी हुआ करती थी। फिर एक दिन में अपनी पड़ोस वाली आंटी के साथ मज़े ले रहा था, आंटी ने मेरे लंड को अपने मुहं में पूरा अंदर डालकर उसको चूसना शुरू किया और में उनके बड़े आकार के बूब्स को दबाकर उनका रस निचोड़ रहा था। दोस्तों क्योंकि वो आंटी मुझसे कुछ पैसे इस काम के लिए ले लिया करती थी, लेकिन वो अपने पति के साथ चुदाई के काम से बिल्कुल भी खुश नहीं थी और इसलिए वो मन लगाकर जैसा भी में उनको कहता बस एक इशारे में समझकर खुश होकर वैसा ही करने लगती और मुझे उनकी चुदाई करने का मौका मिलता।

दोस्तों उनकी चूत में बड़ी गरमी और जोश भी बहुत था, क्योंकि वो एक शादीशुदा औरत होने की वजह से इस काम में ज्यादा अनुभवी थी और ना ही वो ज्यादा नाटक नखरा करती थी, इसलिए में उनके साथ बड़ा खुशी खुशी मज़े लिया करता था। फिर उसी समय मेरी गर्लफ्रेंड फ़रज़ाना का मेरे पास फोन आ गया और उसने मुझसे कहा कि उसको मुझसे मिलकर कुछ कॉलेज के काम के बारे में पूछना था। दोस्तों क्योंकि में उससे ज्यादा समय से कॉलेज में था और मुझे इसका भी ज्यादा अनुभव था। अब मैंने उसको कह दिया कि हाँ ठीक है आप मेरे घर चली आए, क्योंकि वो दिन रविवार का था छुट्टी होने की वजह से हम दोनों अपने अपने घर ही थे और फिर वो अपनी बेटी को किसी पड़ोसी के घर छोड़कर तुरंत ही मेरे पास चली आई। दोस्तों वो दोपहर का समय था और में अपने घर में अपनी आंटी के साथ अपने उस काम में इतना व्यस्त था कि हमने यह सब शुरू करने से पहले दरवाजा भी ठीक तरह से बंद नहीं किया और इतना जोश में थे कि कब कुछ देर बाद फ़रज़ाना ने आकर हम दोनों को यह सब करते हुए देख लिया और हमें पता ही नहीं चला। अब फ़रज़ाना ने दोबारा कमरे से बाहर निकलकर मुझे आवाज देकर सचेत किया, तब जाकर हम दोनों अलग हुए और अपने कपड़े हमने ठीक कर लिए और मैंने फ़रज़ाना को आवाज देकर कमरे में अंदर ही बुला लिया और उसको बताया कि यह वही आंटी है जो मेरा हमेशा काम चलाया करती है।

अब में उनके सामने ही फ़रज़ाना को बैठाकर बातें करने लगा। दोस्तों मुझे माफ करना में आप सभी को अपनी गर्लफ्रेंड फ़रज़ाना के बूब्स का आकार ही बताना भूल गया और अब बता रहा हूँ, उसका रंग गोरा सुंदर चेहरा एकदम चिकनी बाहें बूब्स का आकार 34-30-42 था और उस समय वो मुझे बहुत ही आकर्षक नजर आ रही थी, इसलिए मेरी नजर उसको लगातार घूरकर देख रही थी और मेरा लंड उसकी गांड को देखते ही जोश में आकर मस्त होना शुरू हो गया। फिर कुछ देर बाद फ़रज़ाना ने मुझसे कहा कि पहले आप अपनी इन आंटी को पैसे देकर फ्री करो और उसके बाद में आपको मेरा यहाँ पर आने की वजह उस काम को बताना शुरू करती हूँ। अब मैंने फ़रज़ाना के कहने पर तुरंत ही उसको पैसे दे दिए और फिर उसके बाद हम दोनों पास वाले कमरे में चले गये। दोस्तों कुछ देर इधर उधर की बातें करने के बाद मुझे पूरी तरह से पता चला कि आज वो काम के बहाने से मेरे पास अपनी चुदाई करवाने आई थी और अब उसने पूरी तरह खुलकर मुझसे कहा कि वो मेरे गठीले बदन को देखकर बहुत आकर्षित हुई है। अब मैंने भी उसके गोरे गदराए बदन सुंदर चेहरे की तारीफ करना शुरू किया।

अब वो मुझसे बड़े दिनों से सेक्स ना करने और अब चुदाई की याद आने के बारे में बताने लगी और फिर नाटक करते हुए वो कहने लगी कि इस टेंशन की वजह से उसके सर में दर्द हो रहा है। तभी मैंने उससे कहा कि में दबा देता हूँ और फिर मैंने उसके सर को तीन चार मिनट दबाया और फिर उसको पूछा कि अब कैसा लग रहा है? तब उसने कहा कि हाँ अब मुझे बहुत बेहतर महसूस हो रहा है। अब मैंने उससे कहा कि मेरे पास एक और भी दर्द दूर भगाने का इलाज है और उसको इतना कहकर मैंने तुरंत ही उसकी पैशानी पर अपनी जीभ को फेरना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से उसको बहुत मज़ा आने लगा था और वो मुझसे कहने लगी कि तुम्हारी इस जीभ में बड़ा जादू है। फिर मैंने उसको कहा कि अभी तुम आगे आगे देखो होता है क्या और यह कहकर मैंने अपने होंठो को उसके होंठो पर रख दिया, लेकिन उसने मुझसे कुछ भी ना कहा। फिर मैंने धीरे धीरे उसके होंठो को चूसना शुरू कर दिया और अब इस वजह से मेरा लंड खड़ा होकर बिल्कुल तैयार हो चुका था और वो पेंट से बाहर आने को तड़प रहा था। मैंने अब उसके नरम होंठो को चूसना चूमना शुरू कर दिया था, इसलिए वो एकदम गरम हो चुकी थी और में तो बस पागल हो रहा था। फिर मैंने उसको चूमते प्यार करते हुए उसके बूब्स को भी दबाना शुरू कर दिया और थोड़ी ही देर के बाद मैंने उसकी सलवार के ऊपर से उसकी चूत को मसलना शुरू कर दिया था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

दोस्तों यह सिलसला करीब 15 से 20 मिनट तक चलता रहा और फिर उसने खुद ही अपने एक हाथ को आगे बढ़ाकर मेरे लंड को पेंट के बाहर से ही मसलना शुरू कर दिया। फिर कुछ देर बाद वो मुझसे कहने लगी कि तुम अपने लंड को अब बाहर निकालो और मैंने उसके मुहं से यह बात सुनकर तुरंत ही चेन को खोलकर अपने लंड का टोपा बाहर निकल दिया। अब वो मेरे तनकर खड़े लंड को अपनी चकित नजरों से घूरकर देखते हुए कहने लगी कि यह तो मेरी उम्मीद से भी ज्यादा बड़ा मोटा लगता है, तुम अब इसको पूरा बाहर निकालो। दोस्तों उस समय तक हम दोनों एक दूसरे की तरफ अपना मुहं करके लेटे हुए थे, लेकिन उसके मुहं से वो शब्द सुनकर में खुश होकर तुरंत ही खड़ा हो गया और मैंने अपनी पेंट को अंडरवियर के साथ ही पूरा नीचे उतार दिया। फिर उसने मुझसे कहा कि तुम अब कह शर्ट भी उतार दो और उसको भी मैंने उतार दिया, जिसकी वजह से अब में पूरा नंगा होकर बेड के किनारे पर खड़ा था और वो बेड पर बैठी हुई थी। अब उसने सबसे पहले मेरे पास आकर मेरे लंड को अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया और उसके बाद मेरे लंड को मसलना शुरू कर दिया। अब मैंने उसको कहा कि अगर तुम इस काम में अनुभवी हो तो बिना हाथ लगाए ही चूसो।

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अब हंसते हुए उसने मुझसे कहा कि मैंने तो इस काम में बहुत कुछ सीखा है और इतना कहकर मुझे उसने बेड पर लेटने के लिए कहा और वो खुद बेड से नीचे उतारकर बैठ गयी। अब उसने सबसे पहले मेरे एक आंड को अपने मुहं में लिया फिर दूसरे को भी चूसना शुरू किया और वो मेरे आंड को अपने मुँह में लेकर मज़े ले रही थी, जिसकी वजह से वो ज़ालिम और में पागल हुआ जा रहा था। फिर उसने मेरे लंड को अपनी जीभ से एक तरफ से चाटना शुरू कर दिया। पहले वो नीचे से ऊपर आई और फिर ऊपर से नीचे, फिर कभी एक तरफ से जीभ ऊपर लेकर आती और फिर कभी दूसरी तरफ से नीचे से ऊपर आती, लेकिन अभी तक उसने मेरे लंड को अपने मुँह में नहीं डाला था और में अब उसको कहने लगा कि प्लीज़ अब मेरे लंड को चूसो तो वो कहने लगी कि सब्र करो, अभी में सब कुछ करूंगी, तुम्हे बताने की जरूरत नहीं है। फिर मुझसे यह सब कहने के बाद उसने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और अब मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया। फिर लगातार वो करीब पाँच मिनट तक ऊपर नीचे मेरे लंड को चूसती रही और आख़िर मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और में अब बहुत ही जल्दी झड़ने के करीब आ गया था।

फिर मैंने उसको कह कि में अब झड़ने वाला हूँ और अब तुम रुकना नहीं, उसने यह सुनकर अपनी स्पीड को और भी तेज़ कर दिया और चूसने के साथ ही वो मेरे आंड को भी पकड़कर सहलाने लगी थी। अब जो में झड़ने लगा उफ्फ्फफ में बता नहीं सकता कि में कितनी ज़ोरे से और कितनी देर तक झड़ा और मैंने अपना पूरा का पूरा वीर्य उसके मुँह में निकाल दिया, जिसकी वजह से उसका मुँह पूरा भर गया था। अब वो मुँह बंद करके मुझे अपनी शकायती नजरों से देखने लगी, क्योंकि वो अपने मुहं से कुछ बोल तो नहीं सकती थी और उसका पूरा मुहं मेरे वीर्य से भरा हुआ था। अब मैंने उनको कहा कि आपको घबराने की ज्यादा जरूरत नहीं है, क्योंकि अभी मुझे भी अपना असली कमाल दिखना बाकी है। अब वो उठकर बाथरूम में अपने काम को फ्री करके वापस आ गई और में उस समय तक भी बिल्कुल निढाल होकर पड़ा हुआ था, मुझे नहीं पता था कि वो कितनी देर बाद वापस आई और मेरे लिये तो वो वक़्त वैसे ही ठहर चुका था। फिर दस मिनट के बाद मेरे होश वापस आ गए और वो अब मेरे साथ लेटी हुई थी और उसी समय उसने मुझे बताया कि वो भी मेरे साथ ही झड़ चुकी थी और अब वो मुझसे कहने लगी कि वो अपने आपको अच्छी तरह से धोकर अभी कुछ देर में वापस अभी आती हूँ।

दोस्तों मैंने उसको कुछ दिन पहले बताया था कि में साफ बिना बालो वाली चूत की औरतो लड़कियों को ज्यादा पसंद करता हूँ। फिर वो करीब बीस मिनट बाद वापस आ गई और मैंने धीरे धीरे उसको किस करना शुरू किया और फिर मैंने उसको कहा कि तुम अब बेड पर खड़ी हो जाओ, वो तुरंत खड़ी हो गई। अब मैंने सबसे पहले उसकी कमीज को उतारा और उसके बाद फिर उसकी ब्रा को उतार दिया और आख़िर में मैंने उसकी सलवार भी उतार दिया। अब वो मेरे सामने ऊपर से लेकर नीचे तक पूरी नंगी थी और फिर मैंने नीचे की तरफ देखा तो उसकी चूत भी बिल्कुल साफ एकदम चिकनी बिना बालों की होने की वजह से चमक रही थी और मुझे बाद में पता चला कि उसने अपनी चूत के बालों को अभी कुछ देर पहले ही साफ किया था। फिर उसके बाद मैंने उसको बेड पर लेटाकर, उसके दोनों हाथों को उसकी चुन्नी से हल्का सा बाँधकर बेड के साथ वाली जगह पर बाँध दिए। दोस्तों पहले तो वो मेरे यह सब करता देख बहुत परेशान हुई और फिर मैंने जब उसको कहा कि तुम मेरे ऊपर विश्वास करो तब जाकर वो थोड़ा सा शांत हो गई और अगर वो चाहती तो अपने हाथों को बड़े आराम से खोल सकती थी, लेकिन मैंने उसको कहा कि कुछ भी हो जाए तुम्हे अपने हाथों को आज़ाद नहीं करना।

अब मैंने उसको चूमना शुरू किया और सबसे पहले उसकी गर्दन पर फिर उसके कंधो को चूमा और उसके में बाद धीरे धीरे नीचे आता चला गया और उसके बूब्स के आसपास के हिस्से को अपनी जीभ से सहलाना शुरू किया। फिर अपनी जीभ को मैंने उसके निप्पल पर फेरना शुरू कर दिया जो आकार में बड़े और गहरे भूरे रंग के थे। अब वो मुझसे कहने लगी कि तुम इसको भी चूसो और मैंने उसको कहा कि थोड़ा सा सब्र बचाकर रखो अभी सबकी बारी आएगी और में उसके निप्पल के आसपास पांच मिनट तक अपनी जीभ को फेरता ही रहा। फिर जब वो बहुत ज्यादा बैचेन होकर अपने हाथ छुड़ाने लगी तब मैंने उसको कहा कि अगर तुम ऐसा करोगी तो में उठकर बाहर चला जाऊंगा। अब वो फिर दोबारा सब्र करके मज़े करने लगी और फिर मैंने उसके दोनों निप्पल को बारी बारी से सक करना शुरू कर दिया। यह सब काम करने की वजह से मेरा लंड भी दोबारा से तैयार होना शुरू हो गया था और में अपने घुटने से उसकी चूत को भी मसल रहा था। अब में कभी दोनों हाथों से उसके बूब्स को पकड़ता और कभी दोनों निप्पल को अपने मुँह में डालता, कभी हल्का हल्का सहलाने लगता। अब मुझे उसकी हालत को देखकर लगने लगा था कि वो अब बहुत गरम हो चुकी थी और इसलिए अब में अपनी जीभ को नीचे उसके पेट पर ले आया, कभी ऊपर जाता, कभी नीचे आता और वो उछल रही थी।

अब में अपनी जीभ से उसकी गोरी गदराई हुई जगह चूत से एक इंच दूरी पर ले आया और अब अपनी जीभ को कभी एक तरफ कभी दूसरी तरफ ले जाता और कभी थोड़ा सा नीचे ले जाता, लेकिन फिर वापस आ जाता। अब वो जोश में आकर बहुत उछल रही थी और फिर धीरे धीरे में अपनी जीभ को उसकी जांघो के अंदर ले गया और दोनों को बारी बारी से सहला रहा था। फिर मैंने देखा कि उसकी चूत से दूध जैसे रंग का प्रदार्थ बह रहा था, में अब उसकी एक जांघ के ऊपर किस करते हुए उसके पैरों तक चला गया। वहाँ से मैंने उसके पंजे अपने मुँह में ले लिए और उसकी उँगलियों को चाटना शुरू कर दिया। अब वो तो बस पागल हुई जा रही थी, मैंने बारी बारी से दोनों पैर और जांघो के साथ यही किया और फिर वापस में उसकी चूत की तरफ आ गया और उसके बाहर वाले हिस्से पर चूमने लगा। अब वो जोश मज़े मस्ती की वजह से चीख रही थी और वो मुझसे कहने लगी और ऊपर आओ अंदर डालो, लेकिन में उसके साथ सब आराम से करना चाहता था। अब उससे ना रहा गया इसलिए उसने अपने दोनों हाथों को छुड़ाकर मेरा सर ज़बरदस्ती अपनी चूत की तरफ दबा दिया और अब में भी बहुत गरम हो चुका था।

अब मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत के चारो तरफ फेरना शुरू कर दिया और कभी में अंदर भी ले जाता कभी ऊपर कभी नीचे, उसकी चूत से अब सैलाब निकलने लगा था और उसकी चूत का पानी उसके कूल्हों तक बह चुका था। अब मैंने उसके चूत के दाने को चूसना शुरू किया और मैंने अपनी छोटी उंगली को भी उसकी गांड में डाल दिया। फिर उसने मुझसे कहा कि अब तुम मेरी चुदाई करो और मैंने उसको कहा कि अभी 69 पोज़िशन में करते है। अब में नीचे लेट गया और वो मेरे ऊपर आ गई और मैंने अपना काम जारी रखा और अब उसकी चूत के साथ उसकी गांड पर भी हल्की जीभ फेरने लगा। अब वो मुझसे कहने लगी कि इसके अंदर तुम अपनी इस जीभ को भी डाल दो, लेकिन मैंने मना कर दिया। दोस्तों उसके मज़े लेने की वजह से मेरा लंड तनकर खड़ा हो चुका था और में नीचे से निकला और उसकी बहती हुई चूत के अंदर मैंने अपने लंड को डाल दिया।

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अब मुझे महसूस हुआ कि उसकी चूत के अंदर गरमी बहुत थी और उसने मुझसे हिलने से साफ मना कर दिया था और कुछ देर बाद वो खुद ही हिलने लगी थी। दोस्तों वो मेरे लंड को इस तरह से निचोड़ रही थी जैसे वो मेरे लंड से दूध निकाल रही हो और अब में अपने अंगूठे पर थूक लगाकर धीरे धीरे उसकी गांड पर मसलने लगा था, जिसकी वजह से वो और भी तेज़ हो गई। अब मैंने सही मौका देखकर अपना अंगूठा उसकी गांड में डाल दिया और उसकी चूत के तरफ दबाने लगा था। उसकी चूत के होंठ बहुत ज़ोर से हिल रहे थे। फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया और उससे कहा कि अब वो मेरे लंड के ऊपर बैठकर सवारी करे। दोस्तों मुझे तो वो बिल्कुल रंडी लगती थी, क्योंकि उसने मेरे कहते ही तुरंत मेरे लंड के ऊपर बैठकर इतनी ज़ोर से उसके ऊपर सवारी करना शुरू किया जैसे कि वो मेरे लंड पर सवार होकर अमेरिका जाना चाहती थी और जब वो ऊपर नीचे हो रही थी, उस समय में उसकी गांड में अपनी उंगली को डाल रहा था और वो एक हाथ से मेरे आंड को सहला रही थी।

अब मुझसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था और मुझे होने वाला था इसलिए में उसको नीचे लेटने के लिए कहा और फिर में उसके ऊपर आकर उसकी गीली चूत में अपने लंड को डालकर ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर में उसकी चुदाई करने लगा था। अब मुझे ऐसा लग रहा था कि हमारा यह खेल बड़ी तेज़ गति से चल रहा है, करीब दस मिनट के बाद उसने मुझसे कहा कि उसका काम अब होने वाला है। फिर मैंने उसके मुहं से झड़ने की बात को सुनकर अपने धक्को की स्पीड को पहले से भी ज्यादा तेज़ कर दिया और आख़िर में करीब पांच मिनट के बाद ही हम दोनों ही बहुत ज़ोर से धक्को के साथ झड़ गए। फिर उसके बाद में एकदम निढाल होकर उसके ऊपर गिर गया और इतनी देर तक लगातार चले इस काम की वजह से उसकी भी सांसे बड़ी तेजी से चलने की वजह से बूब्स लगातार ऊपर नीचे हो रहे थे और में उसके निप्पल के साथ कुछ देर बाद खेलने लगा। वैसे उसने बड़े दिनों के बाद अपनी चुदाई के मज़े लिए थे इसलिए उसने पूरी तरह से जोश में आकर मेरा पूरा पूरा साथ दिया और में उसका वो जोश देखकर बड़ा चकित था।

दोस्तों हम दोनों को बिल्कुल भी पता नहीं कितनी देर हम दोनों वैसे ही लिपटकर पड़े थे, फिर जब आंटी ने आकर दरवाज़ा बजाना शुरू किया तब जाकर हम दोनों को होश आया और हम दोनों अपने कपड़े ठीक करके उठकर बैठ गए। दोस्तों इस हमारी पहली चुदाई के बाद हमारी यह दोस्ती पहले से भी ज्यादा पक्की हो गई, क्योंकि मैंने उसको हमारी पहली चुदाई में ही पूरी तरह से संतुष्ट बहुत खुश कर दिया था ।।

धन्यवाद …

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