एक तमन्ना जीने की

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प्रेषक : ललित …

हैल्लो दोस्तों, में ललित एक बार फिर से आप सभी कामुकता डॉट कॉम के चाहने वालों के सामने हाजिर हूँ अपनी एक और दूसरी नई कहानी के साथ, जिसमें में आज आप लोगों को मेरे पड़ोस में रहने वाली मेरी पड़ोसन के साथ जमकर उसकी चुदाई के बारे में बताऊंगा। वो एक ग्रहणी है, जिसकी उम्र 36 साल, गोरा रंग जिनकी हाईट करीब 5.2 और आकार में ठीक-ठाक बूब्स। वो अभी कुछ समय पहले मेरी सोसाईटी में रहने के लिए आई, वो दूसरी मंजील पर अपने दो बच्चों, पति के साथ रहने आई है, उनके पति का नाम प्रभात और उनका नाम दिया और वो बहुत कम समय में मेरी पत्नी प्रिया की बहुत अच्छी दोस्त बन गई, क्योंकि मेरी पत्नी का और उनका मेरे घर पर आना जाना लगा रहता था और किस्मत से हमारे बच्चे भी एक ही स्कूल में अपनी पढ़ाई कर रहे थे और अब में सीधा अपनी आज की सेक्स घटना को सुनाता हूँ और में उम्मीद करता हूँ कि इसको पढ़कर आप लोगों को बहुत मज़ा आएगा।

दोस्तों प्रिया ने एक दिन मुझसे कहा कि दिया कह रही थी कि हम सब क्यों ना एक दिन पिकनिक पर चलते है, इसी बहाने तुम भी प्रभात से मिल सकते हो और उससे बात कर सकते हो, अपनी जान पहचान बढ़ा सकते हो। फिर मैंने भी मज़ाक में कहा कि अरे यार प्रभात से मिलकर क्या होगा तुम तो एक बार मुझे दिया से मिलवा दो, उससे मिलकर मेरा सभी काम हो जाएगा। फिर प्रिया बोली कि अच्छा तो अब मुझे पता चला कि तुम्हारा दिल अब दिया पर आ गया है? तो मैंने कहा कि हाँ वो चीज ही कुछ ऐसी है कि उसको देखकर हर किसी की नियत बिगड़ जाए। फिर प्रिया बोली कि तुमने मुझसे पहले क्यों नहीं कहा में तो तुम्हें बहुत पहले ही उससे मिलवा देती और तुम्हारा काम कब का पूरा हो जाता। फिर मैंने उससे कहा कि तुम रविवार का समय रख लो शाम को हम इंडिया गेट चलते है, तुम सही मौका देखकर मेरी उससे थोड़ी बातचीत करवा देना और फिर रविवार शाम को हम सब इंडिया गेट घूमने चले गये और हम सभी ने वहां पर बहुत मज़े किए। वहीं पर मैंने दिया को भी बहुत निहारा और मुझे उसके पति प्रभात का भी पता चला कि बहुत अच्छी पोस्ट पर है और वो एक प्राइवेट कम्पनी में है।

फिर उस रात घर पर आकर प्रिया को दिया बनाकर बहुत जमकर चोदा और प्रिया ने भी मेरा पूरा पूरा साथ दिया और इस तरह कुछ दिन गुज़र गए, जिसमें कभी दिया हमारे घर पर आती और मुझसे भी बात कर लेती और मेरी भी पार्क में प्रभात से बात हो जाती थी। एक दिन में ऑफिस में था और मेरे व्हाटसप पर एक मैसेज आया, जिसमें सिर्फ़ हाए लिखा था। मैंने देखा तो प्रोफाईल फोटो दिया की थी और मैंने भी हैल्लो लिखा। फिर उसने भेजा कि क्या हम बात कर सकते है? मैंने भेजा कि हाँ ज़रूर जब तुम चाहो कर लो। फिर उसने कहा कि व्हाटसप पर नहीं, तो मैंने कहा कि हाँ कोई बात नहीं में एकदम फ्री हूँ और आज मेरे बॉस कुछ दिनों के लिए इंदौर गये हुए है। फिर उसने कहा कि में बहुत अच्छी तरह से समझती हूँ कि आप मुझसे बात करना चाहते है, लेकिन बात नहीं करते और उसने कहा कि लड़कियां सिर्फ़ लड़को को देखकर बता सकती है कि वो उनसे क्या चाहते है। फिर में भी उसके मुहं से यह बातें सुनकर बहुत खुश हुआ और मेरा थोड़ा डर खत्म हुआ तो में भी खुलकर बातें करने लगा और मन ही मन सोचने लगा कि मेरे बिना कुछ कहे यह क्या हो गया, यह सब तो खुद मेरी झोली में गिर रहा है? फिर मैंने उससे पूछा कि तो बताओ तुम्हें मेरी आँखो क्या क्या दिखा? तो वो बोली कि हाँ वही सब कुछ बताने के लिए तो मैंने बहाने से प्रिया से तुम्हारा मोबाईल नंबर माँगा था। फिर मैंने उससे कहा कि तुम प्रिया को साफ साफ बोल देती कि तुम्हें मुझसे बात करनी है, तब भी वो तुमको मेरा नंबर दे देती, इसमें बहाने की क्या ज़रूरत थी? और वैसे भी मेरे और प्रिया में कुछ छुपा नहीं है, हम एक दूसरे से सभी तरह की बातें खुलकर करते है। फिर दिया ने कहा कि प्लीज़ मेरे बारे में प्रिया को मत बताना, प्लीज़ नहीं तो वो मेरे बारे में कुछ गलत सोचेगी। फिर मैंने उससे पूछा कि ऐसा क्यों? तो उसने कहा कि मेरी अपनी बाहर बहुत इज्जत है, लेकिन सिर्फ़ तुमसे चोरी छिपे होना चाहती हूँ और अगर इसमें कोई समस्या है तो में दोबारा बात नहीं करूँगी।

फिर मैंने कहा कि ठीक है, में यह बात बाहर किसी से नहीं कहूँगा, लेकिन मुझमें ऐसा क्या है, जो सिर्फ़ मुझसे चोरी छिपे होना चाहती हो? फिर उसने बताया कि उस दिन तुम्हारे घर पर जब प्रिया एक घंटे के लिए बाहर गई थी तो मैंने तुम्हारा लेपटॉप खोलकर देखा था और उसमें मुझे तुम्हारे वीडियो और फोटो देखकर मुझे पता लगा कि सेक्स को लेकर तुम्हारी मेरी सोच बिल्कुल एक जैसी है। तभी मैंने उससे कहा कि लेकिन मेरे लेपटॉप में तो पासवर्ड लगा हुआ था तुमने उसे कैसे खोला? तो उसने मुझसे कहा कि प्रिया ने लेपटॉप तो पहले से ही खोला हुआ था और उसके चले जाने के बाद मैंने अपना काम किया और उस दिन वो सब देखकर मैंने अपने घर पर जाकर तीन बार अपनी चूत में ऊँगली डालकर उसे शांत किया। अब मैंने उससे पूछा कि क्या प्रभात तुम्हें सेक्स में वो मज़े नहीं देता है? तो उसने बताया कि पहले सब कुछ ठीक था, लेकिन अब वो ज़्यादा सेक्स में रूचि नहीं दिखाते और में घर पर जब भी अकेली होती हूँ तो बहुत पॉर्न फिल्म देखकर ऊँगली करती हूँ, जिसकी वजह से मेरी सेक्स को लेकर रूचि अब धीरे धीरे बढ़ती ही जा रही है, में वो सब कुछ करना चाहती हूँ जो मेरी इच्छा है।

फिर मैंने कहा कि ठीक है चलो तुम मुझे बताओ कि तुम्हारी क्या क्या इच्छा है? तो उसने मुझसे कहा कि अभी तुम ऑफिस में हो अभी क्या कर सकते हो? हम बाद में बात करते है, लेकिन अब मुझे भी उसकी बातें सुन सुनकर सेक्स चड़ चुका था। मैंने उससे कहा कि में आज ऑफिस में बिल्कुल अकेला हूँ, क्योंकि दो लड़के बाहर मार्केटिंग के लिए गए है और वो करीब 2 घंटे के बाद आएगा और हमारा अकाउंटेंट आज छुट्टी पर है और तुम भी अभी घर पर अकेली हो, जब तक तुम्हारे बच्चे स्कूल से नहीं आते तुम भी अकेली हो। फिर उसने कहा कि ठीक है। फिर हम फोन सेक्स करते है और फिर मैंने कहा कि ठीक है तो उसने मुझसे पूछा कि क्या तुम्हारा वो खड़ा है? तो मैंने बोला कि हाँ, तो वो बोली कि तुम अपने उसके फोटो भेजो। फिर मैंने पूछा कि किसके? तो वो अब पूरी खुल गई और बोली कि अपने लंड के और फिर मैंने अपने लंड के फोटो उसे भेजी तो उसने भी मुझे अपनी चूत की जो बिल्कुल गोरी थी और अंदर से बिल्कुल गुलाबी। दोस्तों मैंने पहली बार इतनी गोरी लड़की की चूत देखी थी। उसने फिर अपने बूब्स का फोटो भी मुझे भेजा और उसके साथ ही मुझे कॉल भी कर दिया।

दिया : क्यों कैसी लगी तुम्हें मेरी चूत?

में : वाउ इतनी सुंदर सेक्सी चूत तो में आज पहली बार देख रहा हूँ, इसको देखकर मज़ा आ गया।

दिया : हाँ तुम्हारा लंड भी बहुत मस्त है।

में : धन्यवाद।

दिया : प्लीज ललित अब यह सीधे शब्द रहने दो, कुछ गंदा सा बोलो मुझे अपनी चूत में उंगली डालकर अपना पानी निकालना है।

में : ठीक है तो अपने पैर खोलो और अपनी चूत में मेरा लंड डालने दो। फिर सोचो कि में तुम्हारी चुदाई कर रहा हूँ और यह लो मेरे लंड का पहला झटका, क्यों मज़ा आया मेरा लंड लेकर साली, रंडी?

दिया : हाँ हाँ बहुत मज़ा आ रहा है बहनचोद चुदवाने में और साले तू भी मेरी चूत मार रहा है तो तू मुझे अपनी रंडी समझकर मार।

में : साली बहन की लोड़ी तू सही में रंडी निकली साली कितने लंड लिए है तूने?

दिया : आह्ह्ह उफ्फ्फ साले चोद मुझे हाँ फाड़ दे तू भी मेरी चूत को आह्ह्ह्हह्ह मेरा निकल गया।

में : रंडी साली मुझे भी निकालने दे आहह हाँ दिया वाह क्या चुदक्कड़ है तू, हाँ ले मेरा भी पानी पी ले  और करीब दो मिनट बाद हम शांत हुए और मैंने कहा कि हैल्लो तो वो बोली।

दिया : हाँ बोलो।

में : वाह बहुत मज़ा आया दिया। अब जब हम सही में सेक्स करेंगे तो बहुत मजा आएगा।

दिया : हाँ, चलो अब में फोन रखती हूँ और अब जब हम मिलेंगे तो में तुम्हें अपनी नई इच्छा बताउंगी, अभी तुम्हें सोचकर एक बार और मुझे अपना पानी निकालना है चलो ठीक है बाय।

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दोस्तों उस रात को तो मैंने अपनी पत्नी प्रिया को इतना जमकर चोदा कि उसकी चूत सूज़ गयी और वो भी कुछ देर की चुदाई के बाद मुझसे कहने लगी क्यों आज तुम किसको सोच सोचकर मुझे चोद रहे थे? तुम्हारे धक्कों को देखकर लगता है कि तुम्हें किसी दूसरी का इंतजार है और शायद उसी को सोचकर तुमने ऐसा किया? तो मैंने उससे कह दिया कि हाँ में आज एक फिल्म के बारे में सोच रहा था, लेकिन मैंने उसे दिया के बारे में नहीं बताया। दोस्तों अब में उस दिन की बात बताने जा रहा हूँ, जिस दिन मैंने और दिया ने पूरे दिन अपने सेक्स को लेकर हमारी हर एक इच्छा को पूरा किया और मुझे उस दिन पता चला कि एक मासूम सी देखने वाली औरत सेक्स में किस तरह अपनी सारी शर्म को उतारकर हर एक पल को जी लेती है? दोस्तों यह बात उस दिन की है जिस दिन प्रिया को अपने मामा जी के घर किसी समारोह में अंबाला जाना था और मैंने उससे कहा था कि में नहीं आ सकूँगा, इसलिए वो बच्चो को लेकर सुबह अपनी बड़ी बहन के साथ चली गई और वो जाते हुए दिया को बोल गई कि इनके लिए खाना तैयार कर देना। फिर उसके जाते ही मैंने अपने ऑफिस ना जाने का निर्णय लिया और में दिया के पति और बच्चो के जाने का इंतजार करने लगा। में हर 5 मिनट में बालकनी में जाता और दिया के घर में देखता। करीब 9:30 बजे प्रभात भी ऑफिस चला गया और उसके जाते ही मैंने दिया को व्हाटसप किया और कहा कि आज क्या इरादा है? तो उसने जवाब दिया कि तुम 15 मिनट में आ जाओ, तब तक नौकरानी भी चली जाएगी और हमारा रास्ता एकदम साफ हो जाएगा। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने 15 मिनट बाद नहाकर उसके दरवाज़े पर दस्तक दी तो दरवाज़ा खुद खुल गया और में अंदर चला गया और दिया को आवाज़ लगाई। दिया अंदर से बोली कि ललित तुम बेडरूम में आ जाओ। फिर में जैसे ही उसके बेडरूम में गया तो मैंने देखा कि दिया सिर्फ़ पर्पल कलर की ब्रा पेंटी में नहाकर खड़ी हुई थी, क्योंकि अभी उसके बाल पूरे गीले थे और बालों से सरकता हुआ पानी ऊपर से लेकर नीचे तक आ रहा था, वो उस समय पूरी काम देवी लग रही थी और में तुरंत उसके पास चला गया और मैंने अपने होंठ उसके होंठो पर रख दिए और करीब 15-20 मिनट तक हम एक दूसरे को चूमते रहे। उसके बाद दिया ने मुझसे कहा कि ललित मेरी अगली इच्छा है कि तुम मेरी चूत को चाटो। दोस्तों सच पूछो तो में यह शब्द इससे पहले भी उससे फोन पर सुन चुका था, लेकिन जब कोई औरत वो भी जो आपको पहली बार बिस्तर पर मिली हो इस तरह के गंदे गंदे शब्द बोले तो आप सोच सकते है कि आदमी का लंड पेंट फाड़कर बाहर आ जाता है। फिर वो धीरे से उछलकर बेड पर लेट गई और खुद अपनी पेंटी को हटाकर उसमें उंगली करने लगी और मुझसे बोली कि ललित सारी शरम उतार दो, इस शरम की वजह से ही में अपने पति को अपनी ज़रूरत नहीं बता सकी कि कहीं वो मुझे ग़लत ना समझे और इस तरह में आज भी प्यासी हूँ, तुम आ जाओ मेरी चूत को चाटो, इसे आज तक प्रभात ने भी नहीं चूसा, तुम आज मेरी सारी हसरते पूरी कर दो और में भी आज तुम्हारी सारी अधूरी ख्वाइशे पूरी कर दूँगी। दोस्तों मैंने भी अपने घुटनो के बल बैठकर अपना मुहं उसकी चूत में घुसा दिया और पेंटी के ऊपर से ही चूत को चाटना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से अब दिया ने सिसकियाँ लेना शुरू किया ऊऊह्ह्ह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हहह आईईईईई हाँ खा जाओ मुझे, उफ्फ्फ्फ़ हाँ तुम मेरी पूरी पेंटी उतारकर चाटो, खा जाओ इसे हाँ इसे गीली कर दो। दोस्तों वो अब तक इतनी गरम हो गई थी कि उसके एक झटके में अपनी पेंटी को उतारकर अपने पैरों को पूरा फैलाकर मेरे मुहं पर अपनी चूत को रख दिया और फिर बोलने लगी कि हाँ ले प्रभात देख ले किस तरह चूत चुसवाने का शौक है मुझे। दोस्तों वो उसके मन में जो था वो बोले जा रही थी ऑश हाँ चूस ले चूस उफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह्हह्ह चूस ले साले सारा जूस निकाल दे इस चूत का, कब से सिर्फ़ सोच सोचकर पानी निकाला है, लेकिन आज में इस चूत को चुदवाऊँगी। फिर वो थोड़ा सा अपना सर उठाकर मुझसे बोली कि ललित मुझे किस करो, में भी तो अपनी चूत के रस का मज़ा लूँ आजा साले प्रभात देख आकर देख ले कितनी चुदक्कड़ हूँ में और देख किस तरह यह बहनचोद ललित मुझे चोदेगा? आजा साले क्यों कैसी लगी मेरी चूत ललित, यह बहुत टाईट भी है, इसने सिर्फ़ आज तक प्रभात का लंड लिया है, आह्ह्ह्ह चूस और ज़ोर से चूस मेरी आहह हूऊओ ऊईईईईई और फिर वो खुद ही अपनी गांड को ज़ोर ज़ोर से उठाकर मेरा मुहं भी पूरी ताक़त से अपनी चूत में घुसाये जा रही थी और कह रही थी आहूऊओ हूफफफफफ ललित बहन के लोड़े वाह मज़ा आ रहा है अहहहहह आईईईइ वाह मेरा रस निकल गया, ऑश मज़ा आ गया, ललित तुमने मेरी दो हसरते पूरी कर दी और फिर दिया मेरे मुहं में पूरी तरह से अपनी जीभ को डालकर फ्रेंच किस करने लगी।

दोस्तों शायद वो अपनी चूत के रस का भी मज़ा ले रही थी। करीब 10 मिनट के बाद वो मुझसे अलग हुई और बोली कि तुम मेरे बारे में क्या सोच रहे हो कि में किस तरह की औरत हूँ? तो मैंने उससे कहा कि सेक्स का मज़ा लेना या अपनी इच्छाये रखना सिर्फ़ आदमी का हक़ नहीं है औरत की भी ज़रूरत है और में इसे ग़लत नहीं समझता, यह सबका हक है। फिर दिया मेरे मुहं से यह बात सुनकर बहुत खुश हुई और उसके तुरंत बाद मुझे अपने गले लगा लिया। फिर वो मुझसे बोली कि अब तुम बताओ कि तुम्हारी क्या कोई इच्छा जो में पूरी कर सकूं? तो मैंने कहा कि सेक्स को लेकर मुझे ऐसा कुछ नहीं करना, क्योंकि प्रिया के साथ मैंने सब कुछ किया है। फिर दिया बोली कि हाँ ठीक है, लेकिन फिर भी कुछ तो ऐसा होगा जो तुमने मेरे साथ करने के बारे में सोच रखा है? तभी मैंने तुरंत उससे कहा कि मुझे तुम्हारी गांड मारने की बहुत इच्छा है और वो मुझे बड़ी मस्त लगती है, जब तुम्हे इंडिया गेट पर देखा था तो पीछे से तुम्हारी गांड बहुत मस्त लग रही थी और मेरा मन उसको देखकर बहुत ललचा रहा था। फिर दिया बोली कि हाँ वो तो मेरी भी बहुत इच्छा है और में आज वो भी जरुर पूरा करूँगी, लेकिन बहुत दर्द होगा, तुम ऐसा करो मुझे कुछ नशे की चीज़ दे दो, जिससे में नशे में उस दर्द को सह लूँ। फिर मैंने तुरंत उससे पूछा कि क्या प्रभात ड्रिंक करता है तो वो मुझसे बोली कि ड्रिंक करता तो में नशे में ही उनसे बहुत कुछ करवा लेती वो ना तो ड्रिंक करता है और ना ही ढंग से चुदाई करता है। फिर मैंने कहा कि मेरे घर में बियर है, लेकिन 2:30 बजे बच्चे आ जाएँगे तो फिर तुम क्या करोगी? तो वो बोली कि आज यह दिन सिर्फ़ मेरे लिए है और आज में अपनी ज़िंदगी जरुर जी कर देखूंगी, तुम रूको में इसका इंतजाम भी करती हूँ, वो बिल्कुल नंगी ऐसे ही खड़ी हुई थी, उसके अपने मोबाईल पर एक नंबर मिलाया और फिर बोली कि भाई आज आप बच्चो को स्कूल से ले लेना और घर ले जाना में भी शाम को आ जाउंगी और इन्हें भी बोल दूँगी, वो भी उधर आ जाएगे और फिर वो इतना कहकर फोन रखकर मुस्कुराने लगी और बोली कि चलो आज नशे में भी चुदवाने का मज़ा लें। फिर मैंने उससे पूछा कि क्या कभी तुमने ली है? तो उसने कहा कि नहीं, तो मैंने उससे कहा कि ठीक है। फिर तुम थोड़ा कम लेना और में कपड़े पहनकर घर जाकर दो बियर ले आया और मैंने दिया के साथ चियर्स किया, दिया जैसे जैसे घूँट पीती गयी वैसे वैसे ही उस पर नशा चड़ने लगा, सिर्फ़ एक बियर ही उसके लिए बहुत थी। मैंने भी अब धीरे धीरे उसकी गांड पर हाथ लगाना शुरू कर दिया और फिर में उससे बोला कि दिया अब तुम घोड़ी बन जाओ। फिर दिया लड़खड़ाने लगी और फिर बिस्तर पर घोड़ी बन गई। मैंने उसकी अलमारी से वेसलिन निकाली और पूरी तरह से उसकी गांड पर लगाने लगा और वो भी पीछे मुड़कर हंसते हुए मुझसे बोली कि आज मज़ा आएगा जब मेरी गांड चुदेगी, ललित आ जाओ डाल दो लंड पूरा मेरी गांड में।

फिर मैंने जैसे ही अपनी उंगली पर वेसलिन लगाकर उसकी गांड में डाली और वो एकदम से उछल पड़ी। मैंने उससे पूछा कि क्यों क्या हुआ? तो वो बोली कि ऐसे नहीं होगा, में दीवार की तरफ हाथ रखकर खड़ी होती हूँ, तुम पीछे से अपना लंड मेरी गांड में डालना जिससे में आगे से खुद को रोक सकूं। अब मैंने फिर से अपनी उंगली को उसकी गांड में डाल दिया तो उसके मुहं से चीख निकल गई, लेकिन इस बार में रुका नहीं और अपनी उंगली से उसे चोदने लगा और उसको भी अब बहुत मज़ा आने लगा था। फिर दिया मुझसे बोली कि ओह्ह्हह्ह्ह वाह ललित कितना मज़ा आ रहा है गांड चुदवाने में ऐसा लग रहा है कि जैसे शादी के बाद पहली बार चूत चुदवाई थी, ओहहहह उफ्फ्फ्फ़ हाँ मारो और ज़ोर से डालो मेरी गांड भी फाड़ दो, अब तुम उंगली नहीं अपना लंड इसके अंदर डाल दो। तो मैंने पोज़िशन ली और एक झटके में पूरा का पूरा लंड उसकी गांड के अंदर डाल दिया। उसकी तो चीखे निकल गई और मैंने उससे कहा कि थोड़ा धीरे चिल्लाओ तुम्हारी बाहर तक आवाज़ जा रही है।

फिर उसने कहा कि जाने दो मुझे अब कोई डर नहीं है, तुम अब बस अब जमकर चोदो मुझे। फिर उसने अपनी चूत में भी आगे से अपनी दो उंगलियां डाल ली तो मुझे और भी मज़ा आने लगा और मेरा जोश बढ़ गया। में भी उससे बोलने लगा कि साली रंडी वाह कितना मज़ा आ रहा है तुझे चोदने में। फिर वो बोली कि यह भी तो मेरी इच्छा है कि मुझे दो लोग एक साथ चोदे एक मेरी चूत में लंड डाले दूसरा गांड में और अब तो तुमने मेरी गांड भी खोल दी है आहहह हाँ चोदो मुझे, ज़ोर से चोदो, में तुम्हारी रंडी हूँ बहनचोद चोद मुझे। फिर मैंने कहा कि हाँ में तो बहनचोद हूँ, उन सबके सामने तू मुझे भैया बोलती है और यहाँ बिस्तर पर मेरी रंडी बनी हुई है, साली बहन की लोड़ी ले खा मेरा लंड, तेरी तो में आज गांड को भी चोद चोदकर बड़ी कर दूंगा। अब दिया भी बोलने लगी कि साले बहनचोद हम दोनों एक जैसे है में भी चुदक्कड़ और तू भी चोदू। फिर मैंने अपने झटकों की स्पीड तेज़ कर दी तो वो भी फुल मस्त हो गई उफ्फ्फ्फ़ हाँ चोद अब, मेरी गांड में निकाल  दे अपना पानी उफफ्फ्फ्फ़ में अब मर जाउंगी तेरा लंड लेते लेते। फिर मैंने भी अपनी स्पीड को बढ़ाकर बोला कि हाँ ले साली ले मेरा लंड, ले मरवा अपनी गांड और फिर में बिस्तर पर एक साइड में गिर गया, करीब 15 मिनट तक हम दोनों में से कोई भी नहीं हिला। फिर दिया सीधी हुई और मुझ पर चढ़ गई और वो मुझसे बोली कि ललित सच में आज तक मैंने ऐसा सेक्स कभी नहीं किया, तुमने मुझे जो एहसास सेक्स में करवाया है मुझे ऐसा लग रहा है जैसे शरीर बिल्कुल हल्का हो गया है और मेरे दिमाग़ में एक शांति सी आई है। फिर मैंने कहा कि अभी तो हमे चुदाई करते हुए सिर्फ़ दो घंटे हुए है अभी बहुत सारा मज़ा लेने के लिए हमारे पास पूरा दिन बाकी है और तभी मैंने खिड़की से बाहर देखा तो बरसात शुरू हो गई जिसको देखकर मेरे मन में चुदाई करने का एक दूसरा विचार आया और दोस्तों में उसे फिर से बाहों में लेकर लेट गया ।।

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धन्यवाद …

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