मैडम की फैक्ट्री का उद्घाटन

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प्रेषक : सिकंदर …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सिकंदर है और मेरी उम्र 22 है। दोस्तों यह मेरी कामुकता डॉट कॉम पर पहली कहानी है जिसको में बहुत मेहनत से लिखकर आप तक पहुंचा रहा हूँ। वैसे मैंने पिछले कुछ सालों में बहुत सारी सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े लिए और आप लोग मेरी कहानी को पढ़कर उसके मज़े जरुर लें, में उम्मीद करता हूँ कि यह आप लोगो को जरुर पसंद आएगी। दोस्तों यह कुछ साल पहले की बात है। मेरी दीदी की एक सहेली थी जिसका नाम पारूल था। उसकी उम्र तब 26 साल थी और उसकी तब तक शादी नहीं हुई थी। वो दिखने में थोड़ी सी साँवली थी, लेकिन उनके चेहरे की बनावट बहुत अच्छी थी। उसकी लम्बाई 5.9 थी और वो थोड़ी मोटी थी और उसके बूब्स का आकार 48 था और उसकी गांड को देखते ही मेरा उसको बहुत ज़ोर ज़ोर से दबाने का मन करता था और उसी समय उसकी चूत में अपना लंड डालकर उसके रसीले होंठो को चूसने का मेरा बहुत मन करता था और में उसके पास बहुत छोटी क्लास से ट्यूशन पड़ता आ रहा था। वो मुझे पढ़ाते समय ज़्यादातर घर में अकेली रहती थी, क्योंकि उसकी छोटी बहन हॉस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई कर रही थी और उसके पापा तब तक उनके ऑफिस जा चुके होते थे और उसकी मम्मी की कुछ सालो पहले ही म्रत्यु हो गई थी। दोस्तों अब उसकी बहन भी बड़ी हो गयी थी वो भी अपनी बहन की तरह बहुत अच्छी दिखती थी और उसका भी सेक्सी गदराया हुआ बदन मुझे अपनी तरफ आकर्षित करने लगा था, लेकिन वो अपनी घर पर कभी कभी आती थी और जब तक उसकी छुट्टियाँ रहती वो अपने घर पर रूकती और उसके बाद वो वापस चली जाती।

दोस्तों वैसे मुझे पारुल ने 9th क्लास तक लगातार पढ़ाया था और मैंने भी तब तक बहुत मन लगाकर अपनी पढ़ाई की तरफ ध्यान दिया और अच्छे नम्बरों से हमेशा पास हुआ, जिसको देखकर मेरे घर वाले पारुल और सभी लोग बहुत खुश हुए क्योंकि में वैसे पढ़ाई में बहुत अच्छा होनहार बच्चा था, लेकिन जब में 10th क्लास में पहुंचा तब वो मुझे कुछ समय तक नहीं पढ़ा पाई और मैंने उसके घर पर जाना बंद कर दिया था, क्योंकि उस समय उसके भी कॉलेज के पेपर चल थे और मेरे जाने से उसकी पढ़ाई में रुकावट आती थी और उसका ध्यान इधर उधर भटकता था और फिर कुछ दिनों के बाद उसके पेपर खत्म हो गये और में दोबारा उसके पास पढ़ाई करने जाने लगा तो वो मुझसे हमेशा एक बहुत अच्छे दोस्त जैसा व्यहवार करती थी। वो हमेशा हंसकर बात करती और कभी कुछ भी नहीं छुपाती जिसकी वजह से हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत खुश रहते थे, हम दोनों का व्यहवार एक दूसरे के लिए बहुत अच्छा था और हम दोनों बहुत खुश रहते थे और अपनी पढ़ाई और कभी कभी हंसी मजाक भी किया करते थे। दोस्तों मेरे मन में उसके लिए कभी कोई गलत सोच या ऐसा कोई भी विचार नहीं था। मेरी नजर में उसकी बहुत इज्जत थी, लेकिन एक दिन घटित हुई उस घटना के बाद मेरी सोच और देखने का तरीका अब सब कुछ उसके लिए बिल्कुल बदल चुका था और सब कुछ उल्टा हो चुका था, जिसके बारे में मैंने कभी नहीं सोचा था। एक दिन की बात है में अपने ठीक समय पर उसके घर पर आकर अपनी पढ़ाई में लग गया और वो कुछ देर बाद रसोईघर से अपना काम खत्म करके मेरे पास आकर बैठ गई। उसका पूरा बदन पसीने से नहा चुका था और उस दिन उसके कहने पर में टेबल पर बैठकर पढ़ाई कर रहा था। वो भी ठीक मेरे सामने आकर बैठ गई। दोस्तों उस समय उसके बड़े गले का बिना बाहं का सूट पहना हुआ था और वो भी बिना चुन्नी। उसको ज्यादा गरमी लगने की वजह से वो बार बार अपने सूट में अपना एक हाथ डालकर पसीना साफ करने लगी और तभी कुछ देर बाद वो मुझे पढ़ाते पढ़ाते आगे की तरफ पूरा झुक गई, जिसकी वजह से मुझे उसके बड़े गले के उस ढीलेढाले सूट से उसके बड़े आकार के झूलते लटकते हुए बूब्स दिखाई देने लगे जिसकी वजह से मेरी आखें फटी की फटी रह गई और मेरा दिमाग खराब हो गया और अब में उसके बूब्स की गोलाईयों को बड़े ध्यान से लगातार घूर घूरकर देख रहा था, जिसकी वजह से कुछ ही सेकिंड में मेरा लंड भी तुरंत खड़ा होकर उसके बूब्स को सलामी देने लगा। तभी अचानक से उसने मुझे देख लिया और में अपनी नजर को उससे छुपाते हुए नीचे झुकाकर अपनी किताब में देखने लगा, लेकिन मेरा मन अभी भी उस तरफ जा रहा था। में दोबारा से वही नजारा देखना चाहता था। फिर तभी उसने मुझसे पूछ लिया कि क्यों देव तुम इस तरह से घूर घूरकर क्या देख रहे थे, अभी कुछ देर पहले तुम्हारा ध्यान कहाँ था? में तुमसे पूछ रही हूँ अपनी गर्दन ऊँची करके मुझे जवाब दो तुमने अभी क्या देखा? तो मैंने अपनी झुकी डरी हुई नजर को नीचे रखकर कहा कि कुछ नहीं। तो उसने कहा कि तुम मुझसे झूठ मत बोलो में सब जानती हूँ कि तुम क्या देख रहे थे? और अब उसने मुझसे कहा कि जो तुम देख रहे थे क्या तुम उसका नाम भी जानते हो? चलो अब जल्दी से बताओ मुझे? अब मैंने बहुत हल्की डरी दबी आवाज से कहा कि मम्मे, मेरे मुहं से यह जवाब सुनते ही उसकी आँखें फटी की फटी रह गई और अब उसने मुझसे कहा कि हे भगवान मुझे नहीं पता था कि तुम इतने गंदे शब्द काम में लेते हो, इतना कहने के बाद उसने अपनी चूत की तरफ इशारा करके मुझसे कहा क्यों फिर तो तुम्हे इसका नाम भी पता होगा? मैंने कुछ देर सोचकर कहा कि हाँ यह चूत है, अब मेरा जवाब सुनकर उसने पूछा अब इसका क्या नाम है? उसने मेरे लंड की तरफ इशारा करके पूछा। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने तुरंत कहा कि इसको लंड कहते है और फिर उसने कहा कि अब मुझे पता चला कि तुम्हारे 1 और 2 पेपर में साइन्स में नंबर इतने कम क्यों आए थे? क्योंकि तुमने उसकी किताब को एक बार भी खोलकर ही नहीं देखा और अगर तुमने उसको खोलकर देखा होता तो तुम इन तीनो अंगो का नाम बूब्स, चूत और लंड ना बताते क्योंकि तुम्हे उनका नाम ही पता नहीं है तुम्हे तो इनके दूसरे नाम पता है इनके असली नाम क्या है तुम नहीं जानते। दोस्तों उसके मुहं से यह शब्द सुनते ही मेरा लंड अब और भी ज्यादा टाइट हो गया। में पहले तो सोच में पढ़ गया कि इन सबका उस किताब से क्या मतलब है और उस किताब में ऐसा क्या लिखा हुआ है? और तभी मुझे ध्यान आया कि उस किताब में एक पाठ सेक्स के ऊपर भी है हो सकता है और यह सभी बातें वहीं पर लिखी हुई है।

फिर उसने मुझसे कहा कि चलो अब किताब में से वो पाठ निकालो और मैंने तुरंत ठीक वैसा ही किया और फिर वो मुझे पाठ पढ़ाने लगी, कुछ देर पढ़ाते पढ़ाते मैंने एक शब्द की और इशारा करते हुए उससे पूछ लिया कि इसका क्या मतलब है? तो उसने मुझसे कहा कि जिसे तुम चूत कहते हो उसे इस भाषा में योनी कहते हैं तभी उसने एक चित्र की तरफ इशारा करते हुए मुझसे कहा कि देखो दिखने में ऐसी होती है चूत, तो मैंने उससे कहा कि अब आप भी क्यों बार बार यह चूत शब्द बोल रही हो? तो उसने मुझसे कहा कि जिससे तुम्हे जल्दी समझ में आ जाए। फिर मैंने पारूल से कहा कि मुझे इस फोटो में कुछ भी ठीक तरह से समझ में नहीं आ रहा है। फिर उसने थोड़ा सा गुस्से में आकर मुझसे कहा कि तुम क्या चाहते हो कि अब में तुम्हें सही में अपनी चूत को खोलकर तुम्हे दिखा दूँ? में उसके मुहं से यह जवाब सुनकर एकदम चुप हो गया और अपनी गर्दन को नीचे झुकाकर कुछ सोचने लगा। अब वो थोड़ा सा सोचकर मुझसे बोली कि ठीक है। में तुम्हे अपनी चूत दिखा दूँगी, लेकिन मेरी एक शर्त होगी? तो यह बात सुनते ही मेरे मन में खुशी के लड्डू फूटने लगे और में मन ही मन बहुत खुश होने लगा। फिर मैंने उससे पूछा कि हाँ बताओ कैसी शर्त? तब उसने मुझसे कहा कि ठीक है में तुम्हे अपनी चूत दिखा दूंगी, लेकिन अगर तुमने किसी को इस बारे में बता दिया तो इसलिए तुम्हे भी अपना लंड मुझे दिखाना पड़ेगा। फिर उसके मुहं से यह बात सुनते ही मैंने कहा कि हाँ क्यों नहीं अब में मन ही मन सोचने लगा कि कभी बिन बादल के बारिश हुई है, आज तो यह ज़रूर मुझसे चुदेगी और मैंने उससे कहा कि मुझे यह सब देखने में शरम आएगी, अब उसने कहा कि कोई शरम की बात नहीं है हम बस देखकर उसकी जानकारियां ही तो ले रहे है। अच्छा अगर तुम्हे शरम आ रही है तो में तुम्हारी पेंट उतार देती हूँ और में अब जानबूझ कर बिल्कुल अंजान बना खड़ा रहा और फिर वो मेरी पेंट को उतारने लगी। पेंट को नीचे उतारते ही उसने मेरी अंडरवियर के ऊपर से जब मेरा तनकर खड़ा हुआ लंड देखा तो वो मुझसे बोली कि अरे यह बोतल खड़ी कैसे हो गई? तब मैंने नादान बनकर कहा कि मुझे पता नहीं यह सब कैसे हुआ? लेकिन ऐसा मेरे साथ बहुत बार होता है, आप मुझे इसका कोई उपाय भी बता दो। फिर उसने कहा कि चलो अभी देखते है और इतना कहकर उसने एक ही झटके में मेरी अंडरवियर को भी नीचे उतार दिया अंडरवियर के उतरते ही मेरा लंड उसने देखकर कहा कि हाँ अब पता चला वो अब गौर से मेरे लंड को देखने लगी दोबारा उसने अपनी चकित नजरों से देखते हुए कहा कि मुझे अब पता चला कि तुम्हारी बोतल (लंड) क्यों खड़ी हुई क्योंकि यह अब पूरी भर चुकी है लगता है कि फैक्ट्री में बहुत ज्यादा काम चल रहा है, जिसकी वजह से ऐसा तुम्हारे साथ हो रहा है। वैसे इस उम्र में ऐसा होना स्वभाविक है यह सभी के साथ होता है।

फिर मैंने उससे पूछा कि यह फैक्ट्री कहाँ है? तो उसने मेरे लंड के नीचे मेरे दोनों आंडों पर हाथ रखकर उन्हें धीरे से सहलाते हुए कहा कि यह है तुम्हारी फैक्ट्री जहाँ पर एसिड यानी वीर्य बनता है, उसके बाद उसने मेरा लंड अपने हाथ में ले लिया तो हाथ में लेते ही मुझे करंट सा लगा। मैंने मन ही मन में कहा कि अगर इसके हाथ में लेने से पता लगा कि इसके हाथों में इतना करंट है तो फिर इसकी चूत में तो पूरा ट्रॅन्सफॉर्मर लगा हुआ होगा। अब वो बोली कि सबसे पहले इस फैक्ट्री में एसिड बनता है उसके बाद इस बोतल में आता है इस बोतल से निकलकर टेस्ट ट्यूब में चला जाता है और फिर पूरे 9 महीने तक इसका उत्पादन चलता है। उसके बाद हमारे सामने वो परिणाम आ जाता है जिसके लिए सभी को चिंता लगी रहती है। फिर मैंने पूछा अब यह टेस्ट ट्यूब कहाँ होता है? तब उसने कहा क्यों तुमने क्या अभी तक टेस्ट ट्यूब देखी नहीं है? तुम जब देखोगे तब तुम्हे उसका पता चल जाएगा और इतना कहकर अब वो अपना सूट उतारने लगी और में अपनी व्याकुल नजरों से वो नजारा देखने लगा। मैंने देखा कि अब उसके वो दोनों बूब्स उसकी ब्रा से बाहर आने के लिए एक दूसरे से लड़ झगड़ रहे थे। उनको देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसे उन्हें किसी ने जबरदस्ती ठूसकर उस ब्रा में एक साथ बैठा दिया हो। फिर उसने सूट को खोलने के बाद अपनी पेंटी को भी उतार दिया, जिसकी वजह से उसकी नंगी चूत अब मेरी आखों के सामने आ गई और वो बहुत सुंदर दिख रही थी और मेरी चकित नजरे उससे हटने को बिल्कुल भी तैयार नहीं थी। फिर तभी मैंने उससे पूछा कि यह टेस्ट ट्यूब कहाँ है? तब उसने कहा कि वो ऐसे नहीं दिखेगी, में सबसे पहले इस टेबल पर लेट जाती हूँ उसके बाद वो तुम्हे बहुत आसानी से साफ साफ दिखेगी। में तुमसे जैसा जैसा कहूँ तुम वैसा ही करते जाना। फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है और अब वो नंगी होकर उस टेबल पर लेट गई। उसने मुझे अपने पास आने के लिए कहा तो में तुरंत पास आ गया।

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दोस्तों मैंने जब पहली बार उसकी चूत देखी तो में उसको देखता ही रह गया और मुझे उसकी चूत से निकलते हुए पानी को देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसे उसकी चूत अब मेरा लंड अंदर लेने के लिए अपनी लार टपका रही है, वो मेरे लंड से अपनी चुदाई करवाने के लिए तरस रही है और वही हाल मेरे लंड का भी था। वो यह सब देखकर अब बहुत ज्यादा दर्द होने लगा था और उसको अब अपना वीर्य कैसे भी करके जल्दी से बाहर निकालना था। तभी मैंने एकदम से उसकी चूत पर अपना एक हाथ रख दिया जिसकी वजह से उसके मुहं से सिसकियाँ फूट पड़ी और फिर मैंने चूत को अपने हाथ से सहलाते हुए उससे कहा कि अच्छा तो यह है टेस्ट ट्यूब। फिर उसने कहा कि हाँ अच्छा अब तो तुम्हे चूत का मतलब उसका काम सब कुछ अच्छी तरह से समझ में आ गया ना? तभी मैंने कहा कि हाँ लेकिन एक मिनट में ज़रा अच्छी तरह से इसको देख तो लूँ और इतना कहकर अब में उसकी चूत की दरार पर अपनी एक उंगली को फेरने लगा और उसकी गरमी को महसूस करने लगा। वो अब जोश में आकर सिसकियाँ भरने लगी और उसके बाद मैंने टेबल के एक तरफ आकर उसकी छाती की तरफ इशारा करके पूछ लिया कि मम्मे को क्या कहते है, वो किस काम के होते है? अब उसने मुझसे बड़े ही सेक्सी अंदाज़ में कहा कि इसको ब्रेस्ट या बूब्स कहते है और अगर तुम इनको भी देखना चाहते हो तो देख सकते हो, में तुम्हे वो भी दिखा सकती हूँ। दोस्तों फिर क्या था मुझे उसके इस जवाब का ही इंतजार था उसके कहते ही मैंने तुरंत उसकी ब्रा को भी खोल दिया और ब्रा को बूब्स के ऊपर से हटाते ही मुझे ऐसा लगा कि जैसे उसके दोनों बूब्स बाहर खुली हवा में आकर मुझसे धन्यवाद कह रहे हो वो दोनों बहुत खुश नजर आ रहे थे अब मैंने उससे अंजान बनकर पूछ लिया कि यह किस काम आते हैं? तब उसने कहा कि यह फैक्ट्री 9 महीने के बाद परिणाम आने के बाद अपना उत्पादन शुरू करती है।

दोस्तों में अब बातों बातों उसके बूब्स को दबाने निप्पल को सहलाने लगा, जिसकी वजह से वो करहने लगी सस्स्स्सिईईईई आआहहम्‍म्म्मम करने लगी। अब मैंने उसके दोनों बड़े आकार के निप्पल को अपनी उंगलियों में लेकर खींचते हुए उससे पूछा कि यह क्या है? तब उसने कहा कि यह इस फैक्ट्री का नल है यहाँ फैक्ट्री में जो भी दूध बनता है वो सब यहीं से होकर बाहर निकलता है और यह चूसने के काम में आते है और इस दूध से छोटे बच्चे अपना पेट भरते है। दोस्तों में अब उसकी अधूरी बात को सुनकर तुरंत नीचे झुक गया और उसके एक निप्पल को अपने मुहं में लेकर चूसने लगा, जिसकी वजह से वो धीरे से चीख पड़ी बोली आह्ह्हह्ह उफ्फ्फ्फ़ तुम यह क्या कर रहे हो, थोड़ा आराम से चूसो ना? यह क्या कहीं भागे जा रहे है जो तुम्हे इतनी जल्दी है, प्लीज थोड़ा धीरे से करो इनको ऐसे नहीं खींचते बस इनको हल्के से सहलाने पर ही दूध इनके बाहर आने लगता है। अब में उसके मुहं से यह बात सुनकर बारी बारी से उसके दोनों निप्पल को जोश में आकर ज़ोर ज़ोर से चूसने और काटने लगा और दर्द की वजह से वो बोली आईईइ में मर गई तुम इनको काट क्यों रहे हो ऊह्ह्ह्हह तुम ऐसा करोगे तो मेरे बूब्स के निप्पल टूट जाएँगे प्लीज थोड़ा धीरे करो मुझे बहुत दर्द हो रहा है।

फिर में कुछ नहीं बोला और बड़े आराम से बिना कुछ सुने दोनों बूब्स को एक एक करके चूसता रहा जिसकी वजह से वो सिसकियाँ लेती रही और फिर कुछ देर बूब्स को चूसते चूसते में अब अपना एक हाथ नीचे उसकी चूत पर ले गया और अब मैंने अपनी एक उंगली को उसकी चूत में डाल दिया और ऊँगली को धीरे धीरे चूत के अंदर बाहर करने लगा। वो जिसकी वजह से अब पूरी तरह से गरम हो चुकी थी और उसके मुहं से सिसकियाँ फूट पड़ी आआअहह उम्म्म्मममम प्लीज थोड़ा धीरे करो। अब में कुछ देर बाद उठकर उसके सर के पास गया और मैंने अपना तना हुआ लंड उसके होंठो पर रख दिया। उसने बिना कुछ कहे तुरंत अपना मुहं खोलकर लंड को अपने मुहं में ले लिया और बहुत आराम से अनुभवी रांड की तरह वो मेरा लंड चूसने लगी और फिर कुछ देर बाद लंड को मुहं से बाहर निकालकर उसके टोपे पर अपनी जीभ को फेरने लगी। उधर में ज़ोर ज़ोर से उसके दोनों बूब्स को दबा रहा था और अब तक उसकी दोनों निप्पल तनकर खड़ी हो चुकी थी और बूब्स लाल रंग के हो चुके थे। करीब 15 मिनट तक वो लगातार मेरा लंड चूसती चाटती रही। फिर जब में झड़ने वाला था तो मैंने अपना सारा वीर्य उसके मुहं में निकाल दिया और वो उस टेबल पर पीठ के बल लेटी हुई थी, इसलिए मेरा वीर्य उसके मुहं से बाहर निकलकर आँख की तरफ जाने लगा और मैंने अपनी उंगली से सारा वीर्य साफ किया और अपनी उंगली को उसके मुहं में डाल दिया। उसने अपनी जीभ से मेरी ऊँगली को चाटकर मेरी उंगली पर लगा सारा वीर्य भूखी बिल्ली की तरह चाट लिया और में अब उसकी जांघो के बीच में आ गया और उसकी जांघो को अपनी जीभ से चाटने लगा और चूमने लगा, जिसकी वजह से वो अपने कूल्हों को इधर उधर हिलाने लगी, जिसको देखकर मुझे उसके जोश बेताबी का अंदाजा लग चुका था और अब में चाटते चूमते हुए उसकी चूत पर अपनी जीभ को फेरने लगा और उसकी चूत के दाने को अपनी जीभ से हिलाने लगा। जीभ के दाने पर छूते ही वो एकदम से उछल पड़ी और उसके मुहं से आह्ह्ह्ह्हह्ह स्सईईईइ की आवाजे आने लगी। अब में उसकी चूत का रस अपनी जीभ से चाटने पीने लगा और मैंने उनकी गीली चूत का सारा रस पी लिया और वो जोश में आकर उछलने लगी। फिर उसके बाद मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर डाल दिया और अंदर बाहर करने लगा जिसकी वजह से वो अब बहुत मादक आवाज़ें निकालकर मुझे उतेज़ित करने लगी आम्‍म्म उन्न्न्नन्न सस्स्सस्स आह्ह्हह्ह्ह हाँ और अंदर डाल दो इसको हाँ पूरा अंदर तक ले जाओ, वाह मज़ा आ गया, लेकिन थोड़ी ही देर बाद वो भी झड़ गयी और इतने में मेरा लंड एक बार फिर से होश में आकर पूरे जोश में आ चुका था और अब मेरा लंड कहीं छुपने के लिए कोई छेद ढूंड रहा था।

फिर में सीधा खड़ा हुआ और मैंने अपना लंड उसकी चूत के छेद पर रखकर धीरे धीरे लंड को चूत पर रगड़ने लगा, जैसे किसी बकरे को हललाल करने से पहले उसे सहलाया जाता है, में भी उसकी चूत को अपने लंड से सहला रहा था दोस्तों पारूल की चूत की सील अभी तक टूटी नहीं थी और वो अब तक अपनी कुंवारी वर्जिन चूत को अपने साथ लिए अब तक घूम रही थी। यह देखकर में और भी ज्यादा खुश हो गया। अब मैंने जोश में आकर अपना लंड उसकी चूत के छेद पर रखकर निशाना बनाते हुए धीरे से एक झटका मार दिया, जिसकी वजह से मेरे लंड का टोपा उसकी चूत में चला गया और वो दर्द की वजह से बहुत ज़ोर से चीख पड़ी आआआअहह सस्स्स्स्स्स्सस्स उह्ह्हह्ह प्लीज यार थोड़ा धीरे से डालो ना मेरी जान निकल रही है। अब मैंने फिर से दूसरा झटका मार दिया और उसकी चूत पूरी गीली होने की वजह से मेरा लंड थोड़ा सा और अंदर चला गया उसके बाद मैंने एक और ज़ोर से झटका मार दिया। अब मेरा आधा लंड उसकी चूत के अंदर चला गया और अब तक उसकी सील भी टूट गयी थी, लेकिन उसको बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था, क्योंकि मैंने जोश में आकर ज्यादा ज़ोर लगाकर अपनी लंड उसकी चूत में डाल दिया था। उस ज़ोर जबरदस्ती के लिए उसकी चूत बिल्कुल भी तैयार नहीं थी एक तो उसकी पहली जबरदस्त चुदाई ऊपर से चूत का छेद छोटा और लंड उसके आकार में ज्यादा मोटा लंबा था जिसने उसकी चूत के अंदर जाकर उसको पूरा हिलाकर रख दिया था। वो कुछ देर तक पड़ी दर्द से तड़पती रही और मैंने अपने लंड को एक जगह पर रखकर चुपचाप लेटा रहा। दोस्तों में उसका यह काम करके मन ही मन बहुत खुश था। अब मैंने उससे कहा कि मुबारक हो जानेमन आज तुम्हारी फैक्ट्री का उद्घाटन हो गया अब तुम जब चाहो जैसा चाहो माल अपनी फैक्ट्री में बना सकती हो। तभी वो ज़ोर से चीख पड़ी मुझसे कहने लगी आह्ह्ह्ह फाड़ दी साले ने मेरी आइईईईईईई चूत, मुझे बहुत दर्द हो रहा है उफफ्फ्फ्फ़ में मर जाउंगी प्लीज अब बाहर निकाल ले। तब मैंने उससे कहा कि रंडी साली कुतिया चल अब चुपचाप चुदवाती रह वरना तुझे आज में रंडी की तरह चोद दूँगा। उसके बाद मैंने अपनी तरफ से एक और झटका मार दिया और अब मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया और सीधा उसकी बच्चेदानी से जाकर टकरा गया, जिसकी वजह से वो फिर से चीख पड़ी साले कुत्ते हरामी उफ्फ्फ क्या तू आराम से धक्के देकर नहीं चोद सकता? उईईईई माँ में मर गई तूने तो आज मेरी जान ही निकाल दी। फिर मैंने नीचे की तरफ देखा तो उसकी चूत और मेरा लंड खून से पूरे भर चुके थे। मैंने एकदम से उसकी चूत से लंड को खींचकर बाहर निकल लिया और लंड के बाहर निकलते ही एकदम से पूछा कि आवाज़ आई जिसको सुनकर ऐसा लगा जैसे कि पेप्सी की बोतल का ढक्कन खुल गया हो। फिर उसके बाद मैंने उसकी पेंटी से अपना लंड और उसकी चूत को साफ किया और अब में दोबारा अपना लंड उसकी चूत में डालने लगा। मैंने अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और अब में धीरे धीरे झटके मारने लगा। अब मुझसे ठीक तरह से झटके भी नहीं मारे जा रहे थे, क्योंकि में आज पहली बार किसी को चोद रहा था और मुझे चुदाई का इतना अनुभव नहीं था करीब पांच मिनट के बाद वो मुझसे कहने लगी कि तू अब अपना लंड बाहर निकाल ले, देख आज में तुझे कैसे चोदती हूँ। उसके बाद मैंने ठीक वैसा ही किया जैसा जैसा उसने मुझसे कहा अब उसने मुझसे टेबल पर लेटने को कहा तो में तुरंत लेट गया और उसके बाद वो मेरे ऊपर टेबल पर चढ़ गयी और थोड़ा सा नीचे बैठकर उसने मेरा लंड अपने एक हाथ से पकड़ लिया और उसको अपनी चूत के छेद पर रखकर सेट किया और अब वो उस पर धीरे धीरे से नीचे बैठने लगी और लंड अंदर जाता चला गया। जैसे ही मेरा लंड उसकी चूत में गया तो में धीरे से चीख पड़ा आह्ह्ह्ह आराम से कर ना रंडी, दर्द हो रहा है।

अब वो मुझसे बोली कि क्यों मेरे दलाल अब पता चला ना दर्द कैसे होता है? मेरा दर्द तो तुझे इतनी देर से दिखाई नहीं दिया अपने दर्द के लिए तू चिल्लाने लगा चल अब तू चुपचाप लेटा रह नहीं तो आज में आज तेरा बलत्कार कर दूँगी। अब वो मुझसे इतना कहकर लंड को अपनी चूत के अंदर लेने लगी और थोड़ी देर के बाद मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया और पूरा अंदर जाते ही उसने दर्द की वजह से अपनी आँखें बंद कर ली और में धीरे धीरे उसके बूब्स को दबाने सहलाने लगा। फिर थोड़ी देर बाद हम दोनों का दर्द बहुत कम हो गया और अब वो धीरे धीरे ऊपर नीचे होने लगी, जिसकी वजह से लंड चूत के अंदर बाहर होने लगा और में भी लेटा लेटा अपने कूल्हों को ऊपर की तरफ उठाकर धक्के लगाने लगा और उसके निप्पल को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा। फिर कुछ देर बाद हम दोनों की रफ़्तार तेज़ हो गयी करीब 15 मिनट तक हम दोनों एक दूसरे को ऐसे ही चोदते रहे और उसके बाद हम दोनों एक साथ ही झड़ गये और मैंने अपना सारा वीर्य उसकी चूत में ही निकाल दिया और वो अब ऊपर नीचे होने की वजह से बहुत बुरी तरह से थक चुकी थी, इसलिए वो अब मेरे ऊपर लेट गयी और हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगे। फिर कुछ देर बाद हम दोनों खड़े हो गये तो मैंने उससे कहा कि क्यों आज से तो तुम्हारी फैक्ट्री में उत्पादन शुरू हो जाएगा? तब उसने मुझसे मुस्कुराते हुए कहा कि नहीं हमने यह सब कुछ उस समय में किया है जब उत्पादन होने का कोई खतरा नहीं होता। फिर उसकी यह बात सुनकर हम दोनों हंसने लगे और अब हमने अपने अपने कपड़े पहन लिए और तब उसने मुझसे कहा कि में तुम्हे बस सिखाना चाहती थी, लेकिन तुम तो पहले से ही इस काम में बहुत अनुभवी निकले तुमने अपना पूरा जोश, मेहनत, लगन को लगाकर इस काम को किया। में तुम्हारे इस काम को देखकर बहुत खुश हूँ और मुझे उम्मीद है कि तुम्हे आज पढ़ाया हुआ यह पाठ सब कुछ बहुत अच्छी तरह से समझ आ चुका होगा। दोस्तों इसके बाद में मन लगाकर अपनी इंजिनियरिंग की पढ़ाई में लग गया और मुझे दोबारा कभी भी किसी को चोदने का मौका नहीं ।।

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धन्यवाद …

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