नीरू चाची पूरी नंगी

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प्रेषक : राहुल …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राहुल है और में आज आप सभी कामुकता डॉट कॉम के चाहने वालों को अपनी एक सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ जो मेरे साथ घटित हुई, जिसके बारे में मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि कभी मेरे साथ ऐसा भी हो सकता है। यह चुदाई की कहानी मेरी चाची के ऊपर आधारित है, जिसमें मैंने अपनी चाची को अपनी बातों से अपनी तरफ आकर्षित करके चोदा और उनके सेक्सी बदन के मज़े लिए। यह सब पहले पहले एक घटना थी, लेकिन उसके बाद यह सब हमारी एक जरूरत बन गई और हमने वो सब किया, जो हमे शांत कर सके और अब में उस घटना को पूरी विस्तार से बताता हूँ और वैसे में बहुत समय से सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ, इसलिए में उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी भी आप सभी लोगों को जरुर अच्छी लगेगी, क्योंकि यह मेरी खुद की घटना है। दोस्तों यह बात दो ढाई साल पहले की है जब में अपने चाचा के घर पर गया हुआ था, वहां पर किसी करीबी रिश्तेदार की एक शादी थी। फिर मेरे घर वाले और चाचा और मेरे कजिन सब लोग शादी का काम और तैयारी करने के लिए बाहर गए हुए थे और में उस दिन घर पर अपनी चाची के साथ अकेला था।

दोस्तों में हमेशा सुबह देरी से उठता हूँ, इसलिए किसी ने मुझे नहीं उठाया और फिर में हर सुबह की तरह आज उठकर नहाया नहीं था, क्योंकि में थोड़ा देरी से नहाता हूँ, नीरू चाची भी शायद काम में लगे होने की वजह से शायद नहाई नहीं होगी, उनकी उम्र करीब 37 साल होगी और वो पतली दुबली है, लेकिन वो बहुत फुर्तीली है, दोस्तों मेरी नीरू चाची के स्तन ज्यादा बड़े नहीं है और ना ही उनकी गांड ज्यादा बड़ी है, लेकिन वो दिखने में बहुत सेक्सी माल है बिल्कुल दूध जैसी गोरी है और लगती तो वो हॉट माल है। फिर में उठा और मैंने देखा कि इधर उधर कोई भी नहीं था, तो में बाथरूम गया हल्का हुआ और उनके टॉयलेट के पास ही बाथरूम भी है और उस बाथरूम के दरवाज़े के ऊपर हवा के आने जाने के लिए एक छोटी जाली सी है, उसमें से अंदर बहुत आराम से उछलकर देखा भी जा सकता है। मैंने ऐसे ही देखा कि कौन है? उस समय बाथरूम की लाइट जल रही थी, लेकिन मुझे कोई दिख भी नहीं रहा था और फिर जब मैंने ध्यान से देखा तो उस समय अंदर नीरू चाची पूरी नंगी गिरी पड़ी थी।

दोस्तों पहले तो में उन्हें इस अवस्था में देखकर बहुत खुश भी हुआ और फिर थोड़ा चकित भी हुआ कि अचानक से यह क्या? मुझे नीरू चाची पीछे से पूरी नंगी दिख रही थी और में उस समय थोड़ा जोश में तो आ गया था, लेकिन फिर टेन्शन में मेरा पूरा जोश खत्म हो गया। फिर उस समय नीरू चाची के बाल थोड़े से पीठ पर बिखरे हुए थे और उनकी पीठ पूरी नंगी थी। नीरू चाची के गोरे गोरे बूब्स भी पूरे नंगे थे और गोरे गोरे पैर भी नंगे थे, क्योंकि उस समय चाची पूरी नंगी जो थी। फिर मैंने मन ही मन में सोचा कि में अब क्या करूँ? बाथरूम और टॉयलेट के बीच में एक दीवार है जो पूरी ऊपर छत तक नहीं है, यानी थोड़ा ऊपर चढ़कर बाथरूम से टॉयलेट और टॉयलेट से बाथरूम में बहुत आसानी से जाया जा सकता है, तो में टॉयलेट में गया और एक मोटे से पाईप की मदद से में ऊपर चढ़ गया और उस दीवार पर लटक गया। फिर मैंने अपने दोनों हाथ छोड़े और बाथरूम के अंदर आ गया। मैंने तुरंत चाची को कंधे से पकड़कर थोड़ा सा सीधा किया। दोस्तों इतने पास से नीरू चाची बिना कपड़ो के मुझे बहुत अच्छी लग रही थी। नीरू चाची के बूब्स बहुत मस्त लग रहे थे और उनकी वो उभरी हुई चूत जिसके ऊपर घने बाल थे। दोस्तों उस दिन चाची को पूरी नंगी देखकर सही में मुझे बहुत मज़ा आ गया और फिर मैंने देखा कि चाची के माथे पर एक निशान सा था और उनका माथा सूज गया था। मैंने मन ही मन यह अंदाज़ा लगाया कि चाची शायद फिसलकर नीचे गिर गयी है और उस समय चाची बेहोश थी और में अब जानबूझ कर चाची को बिना कपड़े पहनाए पूरी नंगी ही उठाकर बाथरूम से बाहर ले आया। अब में उनको अपनी गोद में उठाकर उनके बेडरूम में ले गया। उस समय मैंने अपनी चाची को पूरी नंगी उठाकर अपने हाथों में लिया था और उन्हें ऊपर से नीचे तक नंगी देखकर मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और अब मेरी बंदूक पूरी ऊपर उठ चुकी थी। इतने पास से मुझे वो सेक्सी नज़ारा देखने को मिला। उस दिन चाची का हर एक अंग मैंने इतने पास से देखा कि मुझे मज़ा ही आ गया। में आपको वो सब कुछ शब्दों में नहीं बता सकता।

फिर मैंने चाची को नंगी ही अंदर लाकर उनके बेड पर लेटा दिया। अब में अब थोड़ा डर भी रहा था कि कोई आ ना जाए, लेकिन अब मेरे पास एक बहुत अच्छा बहाना भी था कि चाची बाथरूम में गिरी पड़ी थी, इसलिए कोई दिक्कत नहीं थी। फिर में फ्रिज से पानी लाया और मैंने चाची के पूरे शरीर को ध्यान से देखा कि उनको सर के अलावा कहीं और चोट तो नहीं है, वैसे मुझे दिखी तो कहीं नहीं। फिर मैंने चाची के ऊपर एकदम ठंडा पानी डाला और मैंने जानबूझ कर ज्यादा पानी डाला, जिसकी वजह से बेड पूरा गीला हो गया था, लेकिन वो वैसे भी चाची से गीला हो ही गया था, क्योंकि नीरू चाची भी पहले से बहुत गीली थी। फिर पानी डालते ही चाची आह्ह्ह्ह आईईईईई करते हुए दर्द से करहा रही थी और वो बिल्कुल चकित हो गई जब उन्होंने मेरे सामने अपने आपको पूरी नंगी देखा। फिर चाची ने झट से बेड शीट को खींचा, लेकिन हम दोनों के बैठे होने की वजह से वो कैसे खींचती? तो मैंने उनसे पूछा कि चाची जी आपको ज्यादा तो नहीं लगी? अब चाची ने नहीं बोला और उन्होंने शरम से अपने दोनों हाथ अपने मुँह पर रख लिए, वो मुझसे बोली कि मेरे कपड़े कहाँ है? में यहाँ पर कैसे पहुंची और तुम यहाँ पर क्या कर रहे हो?

फिर मैंने कहा कि आप बाथरूम में नीचे गिरी पड़ी थी। मैंने आपको बाहर निकाला और आपके बेडरूम में ले आया और रही बात अपने कपड़ो की तो वो पहले से ही उतरे हुए थे, वो में अभी ले आता हूँ। प्लीज आप थोड़ा आराम करो आपको चोट लगी है। फिर में उनसे इतना कहकर तुरंत उठकर बाथरूम में चला गया और फिर में चाची की पेंटी, ब्रा, सलवार कमीज़ जो वहाँ पर टंगी हुई थी सब कुछ ले आया और जब तक में उनके पास पहुंचा तब तक चाची ने उस बेड शीट को अपने गोरे बदन पर लपेट लिया था। फिर मैंने उनके पास जाकर उनसे कहा कि मुझे कुछ आवाज़ सी आई थी और जब मैंने देखा तो आप बाथरूम में गिरी हुई थी इसलिए ना चाहते हुए भी मुझे उस दीवार से कूदकर आपको अपनी गोद में उठाकर यहाँ तक लाना पड़ा। फिर उन्होंने मुझसे कहा कि हाँ में फिसलकर नीचे गिर गई थी और अब में इस हालत में तेरे सामने यहाँ हूँ। मैंने कहा कि कोई बात नहीं है, सब ठीक है और कोई बात नहीं, कभी कभी ऐसा हो जाता है, लेकिन अब आप मुझे यह बात बताओ कि आपको सर के अलावा कहीं और चोट तो नहीं लगी? तो चाची ने अपना सर हिलाते हुए कहा कि नहीं और फिर चाची ने दोबारा शरम से अपने मुँह पर दोनों हाथ रख लिए और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि तू यह बात किसी को बताएगा तो नहीं कि कुछ देर पहले घर में क्या हुआ था? तो मैंने उनसे कहा कि अगर आप मुझसे कह रही हो तो में किसी को कुछ भी नहीं बताऊंगा, फिर चाची ने मुझसे कहा कि मुझे बहुत शरम आ रही है। फिर मैंने पूछा कि ऐसा क्यों? चाची ने कहा कि वो सब कुछ तुझे पहले से ही पता है, तो मैंने कहा कि क्यों क्या मैंने आपको देख लिया इसलिए? अब वो मुझसे कुछ नहीं बोली और फिर मैंने कहा तो आप भी मुझे देख लो। अब में नीरू चाची के पास गया और मैंने उनके सर पर किस कर दिया, वो मुझे देखने लगी, लेकिन वो मुझसे कुछ भी नहीं बोली और मैंने अब चाची के गालों पर अपना हाथ सहलाया और सहलाते सहलाते उनकी छाती पर मेरा हाथ छूने लगा और फिर में चाची के कंधे पर और छाती पर और गर्दन वगेरा पर किस करने लगा और करते करते मैंने चाची के होंठो पर भी हल्के से किस किया मुझे मज़ा आ गया।

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फिर मैंने चाची के बदन के ऊपर से वो बेडशीट हटाई और अब में किस करते करते उनके बूब्स के बीच तक पहुंच गया। फिर में उन्हे धीरे धीरे दबा भी रहा था और फिर में चाची की निप्पल पर अपनी जीभ को फेरने लगा, जिसकी वजह से निप्पल धीरे धीरे खड़ी होने लगी थी और साथ साथ में बूब्स को सहलाता भी रहा और दबाता भी रहा। फिर मैंने चाची को किस किया और स्मूच करने लगा। फिर मैंने महसूस किया कि चाची की दिल की धड़कन अब बहुत तेज़ हो चुकी थी और वो हल्की हल्की सिसकियाँ लेने लगी थी। दोस्तों चाची की आँखें नशीली और मदहोशी में आधी बंद सी होने लगी थी, वो सब देखकर में तुरंत समझ गया था कि चाची अब पूरी तरह जोश में आ चुकी है। फिर मैंने चाची के बूब्स को दबाते हुए उनके लम्बे लम्बे दो तीन स्मूच लिए, जिसकी वजह से अब मेरी जीभ और चाची की जीभ आपस में मिलने लगी थी। मुझे भी अब बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था और में तुरंत उठकर बाहर गया और मैंने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया। उसके बाद मैंने अपनी शर्ट को उतार दिया और मैंने चाची के ऊपर से बेड शीट को उतारकर उन्हे एक बार फिर से पूरी नंगी कर दिया था और में तुरंत अपनी पूरी नंगी चाची से बिना टी-शर्ट के चिपक गया और में उनकी नंगी पीठ पर हाथ फेरने लगा और में कसकर उनसे चिपक गया और जोश में आकर में उन्हें लगातार स्मूच लेता रहा। तभी चाची ने मुझसे कहा कि यह सब बहुत ग़लत है, वो मुझसे दूर हटने की कोशिश करने लगी और चाची मुझसे बोली कि प्लीज दूर हट जाओ, कोई आ जाएगा और हमें देख लेगा, लेकिन दोस्तों में अब कहाँ दूर हटने वाला था। मैंने उनकी एक ना सुनी और में बस उन्हें लगातार स्मूच करता रहा और अब चाची मेरे ऊपर पूरी नंगी लेटी हुई थी और अब मेरे दोनों हाथ चाची के बूब्स के ऊपर थे मैंने मन ही मन सोचा कि अब क्या में चाची बोलूं? तो मैंने उनसे उनका नाम लेते हुए कहा कि नीरू मेरा लोवर भी उतार दे और अंडरवियर भी। फिर नीरू ने मेरी तरफ मुस्कुरा दिया और मैंने फिर उससे चिपककर उसका स्मूच लिया तो नीरू ने मेरा लोवर उतारा और अंडरवियर भी। अब में अपनी जान नीरू चाची के साथ बिना कपड़ो के था और हमारे नंगे जिस्म बहुत कसकर एक दूसरे से लिपटे हुए थे। फिर मैंने उसे बेड पर सीधा किया और उसके हर अंग को में छूने लगा और चूमने लगा। मैंने अपनी नीरू चाची के बूब्स बहुत सक किए और उन्हें पूरे लाल कर दिए, नीचे आते आते मैंने अपनी चाची के पेट जांघो को भी चूमा, जिसकी वजह से नीरू चाची की साँसें पूरी तरह से अटकी हुई थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

दोस्तों अब नीरू चाची मेरे हथियार को अपने हाथ में लेने लगी थी और वो उसे धीरे धीरे सहलाते हुए ऊपर नीचे करने लगी थी। फिर वो मुझसे बोली कि तुम्हारा यह तो बहुत बड़ा है। फिर मैंने पूछा कि क्यों आपको पसंद आ गया क्या? जहाँ तक मेरा ख्याल है मेरा यह लंड खड़ा होकर करीब 7 इंच तो हो ही जाता है। फिर मैंने नीरू चाची को सीधा लेटा दिया और फिर लंड को चूत के अंदर डालने के हिसाब से में थोड़ा सा आगे बढ़ने लगा, लेकिन तभी वो मुझसे बोली कि बिना कंडोम के कुछ भी मत कर। फिर मैंने उनसे कहा कि आप इस बात की बिल्कुल भी चिंता मत करो। ऐसा कुछ नहीं होगा और हम दोनों को सेक्स का असली मज़ा ऐसे ही आएगा और फिर मैंने उनसे इतना कहकर नीरू चाची के पैरों को थोड़ा सा खोल लिया, जिसकी वजह से अब चाची की प्यारी मासूम चूत मेरे सामने पूरी खुली हुई थी, जिस पर थोड़े बाल भी थे। फिर मैंने मन ही मन सोचा कि यह बहुत मज़ा बढ़ाएँगी। फिर मैंने अपना तना हुआ लंड नीरू चाची की गीली योनि में डाला दिया और उसने मुझे पकड़कर अपनी तरफ खींचकर लंड को अपनी चूत में पूरा अंदर कर लिया। दोस्तों नीरू और में अब पूरी तरह से पसीने में भीगे हुए थे और गीले होकर पूरी नंगी चाची से चिपकने में क्या मज़ा आ रहा था?

फिर में चाची की योनि में घुसे हुए अपने लंड को आगे पीछे करने लगा और में उसके ऊपर लेटे हुए ही उसको स्मूच करने लगा, लेकिन करीब एक मिनट ही हुआ होगा और ज्यादा जोश में आने और उत्तेजित होने की वजह से मेरा वीर्य निकल गया और फिर में पूरा वीर्य अंदर डालकर लंड को बाहर निकालकर दूर हट गया और उन्हें किस करने लगा। अब चाची भी अपनी जगह से उठने लगी, तो मैंने कहा कि अभी थोड़ी देर तो रुको, उसने मुझसे कहा कि यह सब मुझे साफ करना पड़ेगा, कपड़े भी पहनने है अगर कोई आ गया तो देख लेगा। फिर मैंने कहा कि कुछ नहीं होगा और वैसे भी एकदम से अंदर तो कोई आ भी नहीं सकता, क्योंकि दरवाजा अंदर से बंद है और इतना कहकर मैंने नीरू को दोबारा अपने ऊपर लेटा लिया और उसकी स्मूच लेता ही रहा। में करीब 10-15 मिनट तक चाची के गुलाबी होठों को चूसता रहा और उनकी जीभ को भी चूसता रहा। अब मुझे थोड़ी प्यास लगी थी जो पानी बोतल में बचा हुआ था वो थोड़ा मैंने खुद पी लिया और बैठाकर नीरू को भी दे दिया। फिर स्मूच लेते हुए मेरे हाथ उसकी हर एक जगह पर गये और मैंने महसूस किया कि उसके कूल्हे बहुत मुलायम थे और पसीने से बिल्कुल गीले भी थे और उसकी साँसें भी गरम थी। अब में उसकी आँखों में ही देखे जा रहा था और फिर में पानी पीकर दोबारा चाची के हर एक अंग को चूमने लगा और चूसने लगा। फिर मैंने दोबारा चाची के बूब्स चूसे और उन्हें बिल्कुल लाल कर दिए, जिसकी वजह से वो जोश में आकर मोन करने लगी और सिसकियाँ लेने लगी थी। फिर मैंने सही मौका देखकर चाची के दोनों पैर फैलाए और दोबारा चाची की योनि के मुहं पर में अपना लंड रखकर एक ज़ोर से धक्का देकर लंड को चूत में डाल दिया और मेरा पूरा लंड फिसलता हुआ अंदर जा पहुंचा और अब में पांच मिनट तक लंड को लगातार आगे पीछे करता ही रहा। चाची के गीले बूब्स अब मेरी छाती से रगड़े रहे थे और में उनके बूब्स पर हाथ फेरता रहा। फिर कुछ देर बाद मैंने चाची को अब उल्टा कर दिया और चाची के बूब्स पर हाथ रखे और पीछे से योनि में लंड डाल दिया फिर में ऊपर नीचे होता रहा और तेज़ तेज़ उनकी चुदाई करने लगा जिसकी वजह से चाची की हल्की हल्की आवाज़ें निकल रही थी और 5-7 मिनट ऐसा करने के बाद मेरा वीर्य अब निकलने वाला था। फिर जैसे ही में झड़ा तो में पीछे हट गया और मेरा पूरा वीर्य चाची के कूल्हों के ऊपर और पीठ के ऊपर गिर गया।

फिर मैंने चाची की पेंटी से उसे साफ किया और फिर नीरू मुझसे बोली कि तुमने ऐसा क्यों किया। फिर तभी मैंने अपने वीर्य को उसके मुँह से मज़ाक में चिपका दिया, जिसकी वजह से वो मुँह सा बनाने लगी, लेकिन दोस्तों मुझे मज़ा आ गया। फिर उसके बाद 3-4 मिनट में और मेरी नीरू चाची नंगे ही एक दूसरे से चिपके रहे और वो बोली कि तुम बहुत अच्छे हो में तुमसे प्यार करती हूँ और मैंने उसे हल्के से किस किया और हग किए रखा। फिर चाची मुझसे बोली कि अब तुम नहा लो तुम्हे जाना है तो मैंने कहा कि क्या तुम नहा लिए? तो उसने कहा कि हाँ लेकिन अब तो मुझे दोबारा नहाना पड़ेगा। फिर मैंने पूछा कि क्यों अब तुम्हे दर्द है? तो उसने कहा कि नहीं, मैंने कहा कि चल हम साथ में नहाते है। फिर में नीरू चाची को पूरी नंगी ही अपनी गोद में उठाकर बाथरूम में ले गया और वहां पर मैंने पानी के नीचे चाची के हर एक अंग को छुआ और चूमा। अब हम दोबारा एक दूसरे से चिपके और अब की बार फिर से बहुत लंबे लंबे स्मूच किए, जिसकी वजह से हम दोनों जोश में आकर गरम हो चुके थे और फिर मैंने चाची को दीवार की मदद से थोड़ी झुका दिया और फिर मैंने दोबारा चाची की योनि में अपना लंड डाल दिया और एक बार फिर से मैंने उनके साथ वो सब किया। मुझे अब थोड़ी दिक्कत हो रही थी इसलिए चाची स्टूल पर खड़ी हो गई और उस पर थोड़ी फिसलन थी, तो मैंने अपना एक हाथ दरवाज़े के हेंडल पर रख लिया और दूसरा हाथ दीवार पर। फिर नीरू चाची ने अपने हाथ मेरी छाती पर रखे और अपनी ज़ोर की पकड़ के साथ वो लंड को अंदर की तरफ धकेलने लगी और कुछ मिनट बाद झड़ गया।

फिर नहाने के बाद कपड़े पहनने लगा, लेकिन वो बेड पर ही थी। फिर दोबारा में गीली और पूरी नंगी नीरू को उठाकर बेडरूम में ले गया और दोबारा किस किया और चाची को बेड के किनारे बैठा किया और एक बार फिर से मैंने चाची की योनि में अपना लंड डाल दिया, वैसे तो हम गीले थे, लेकिन फिर भी मुझे चूत में थोड़ा सूखापन महसूस हुआ और में चाची से संभोग करता रहा। चाची को थोड़ा दर्द होने लगा था और में समझ गया कि यह दर्द उन्हें सूखेपन की वजह से है। फिर मैंने लंड को बाहर निकाला और चाची की गीली पीठ पर लंड को थोड़ा घुमाया, लेकिन फिर सोचा कि इससे भी कुछ नहीं होगा। फिर में झुका और मैंने चाची की योनि पर थोड़ा सा थूका, लेकिन वो योनि तक नहीं गया। फिर मैंने अपनी एक ऊँगली पर थूका और चाची की योनि पर लगा दिया और ऐसा मैंने कई बार किया। नीरू चाची को उसमे भी बहुत मज़ा सा आ रहा था। अब मैंने अपनी ऊँगली को थोड़ा सा अंदर डाला और देखा कि वो बहुत गीली हो गई थी। मैंने थोड़ा सा थूक अपने लंड पर भी डाला और दोबारा लंड को अंदर डाल दिया और में एक बार फिर से चुदाई करने लगा। में कई देर तक करता रहा, लेकिन अब मेरा वीर्य निकल नहीं रहा था, लेकिन हाँ मुझे मज़ा बहुत आ रहा था। फिर नीरू ने मुझसे कहा कि प्लीज अब थोड़ा जल्दी करो और मैंने बहुत ज़ोर ज़ोर से झटके लगाए। अब हम दोनों बहुत अच्छी तरह से पसीने में गीले हो गए थे और अब चाची भी चुदाई करते करते मुझसे बोली कि तुम्हारे साथ नहाना बेकार है। फिर मैंने कहा कि दोबारा नहा लेना मेरी जान और अब में बहुत ज़ोर ज़ोर से धक्के देता रहा। फिर कुछ देर बाद अब मेरा वीर्य निकलने वाला था इसलिए मैंने अपना लंड तुरंत खींचकर बाहर निकाल दिया और दोबारा मैंने चाची के बूब्स पर अपना वीर्य गिरा दिया, वो अब मुझे बहुत पतला लग रहा था।

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फिर कुछ देर बाद चाची ने उठकर अलमारी से एक टावल निकाला और वो जल्दी की वजह से खुद को साफ लगी। फिर मैंने उनसे टावल ले लिया और मैंने उनको कहा कि लाओ में साफ कर देता हूँ, वो मुझसे बोली कि तुम रहने ही दो, तो मैंने मीठे स्वर में कहा कि नीरू दे ना यार और फिर मैंने ही उसे साफ किया और उसके बाद मैंने ही चाची को पेंटी पहनाई और बाकी कपड़े उसने खुद पहन लिए ।।

धन्यवाद …

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